
दुर्ग. छत्तीसगढ़ में कोरोना (coronavirus in chhattisgarh) की दूसरी लहर के बीच दुर्ग जिले में आठ चिकित्सा अधिकारियों को कलेक्टर ने एस्मा एक्ट के तहत नोटिस थमााय। ये चिकित्सा अधिकारी कोविड ड्यूटी लगने के बावजूद अस्पतालों से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। ऐसे में ड्यूटी में गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने सभी मेडिकल ऑफिसर्स को तुरंत ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए नोटिस भेजा है। प्रदेश में कोविड संकट को देखते हुए एस्मा एक्ट लागू है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मरीजों के इलाज व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी 21 अप्रैल से चंदूलाल चंद्राकर हॉस्पिटल में लगाई गई है। इनमें 8 चिकित्सा अधिकारियों ने अब तक उपस्थिति नहीं दी है। इस कारण कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने शो काज नोटिस जारी किया है।
किया जाएगा पंजीयन रद्द
कलेक्टर ने इन्हें प्रदेश में प्रभावी एस्मा एक्ट के अंतर्गत ड्यूटी में तत्काल उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। उपस्थिति नहीं देने पर महामारी एक्ट के अंतर्गत आठ चिकित्सा अधिकारियों का पंजीयन रद्द करने की चेतावनी दी गई है। एक दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने 33 स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस जारी किया था। जिसमें डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वाय और आया शामिल है।
नोटिस से मचा हड़कंप
कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा, निकुम, कुम्हारी, अहिवारा, बघेरा, कोसानगर,सुरडुंग और उतई के चिकित्सा अधिकारियों को नोटस जारी किया है। कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद चिकित्सकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
23 मरीजों की मौत
दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में शुक्रवार को इजाफा हुआ। विभाग ने जांच की संख्या बढ़ाकर 6170 की तो मरीज भी अधिक मिले। साफ है जितने अधिक लोगों की जांच होगी मरीज अधिक मिलेगें। वहीं मौत का सिलसिला भी जारी है। शुक्रवार को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 23 मरीजों की मौत हो गई।