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22 लाख की आबादी… पानी के लिए पड़ोसी जिले पर निर्भर दुर्ग, दो बड़ी परियोजनाएं अब भी अधर में

Chhattisgarh Irrigation Project: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 26 साल में सिंचाई रकबा महज 25 हजार हेक्टेयर बढ़ा। 2775 करोड़ की महानदी-तांदुला लिंक और खरखरा-रूदा पाइपलाइन परियोजनाओं का इंतजार है।
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Durg Water Crisis

दुर्ग में पानी का संकट गहराया (Photo Source- Patrika)

Durg Water Crisis: राज्य गठन के 26 साल बाद दुर्ग जिले का भूगोल भले बदल गया हो, लेकिन पानी की समस्या जस की तस है। बेमेतरा और बालोद के अलग जिले बनने के बाद भी दुर्ग की आबादी करीब 22 लाख तक पहुंच गई है। इसके साथ पेयजल की मांग बढ़ी, लेकिन जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने के ठोस प्रयास नहीं हो सके। नतीजा यह है कि जिले की पेयजल और सिंचाई संबंधी जरूरतें आज भी पड़ोसी जिले बालोद के तांदुला और खरखरा जलाशयों पर निर्भर हैं।

Mahanadi Tandula Link Project: जल प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था बड़ी चुनौती

दुर्ग जिले में शहरी घरेलू उपयोग के लिए रोजाना 400 से 440 एमएलडी पानी की जरूरत है। अनुमान है कि अगले 10 साल में यह मांग बढक़र 638 एमएलडी तक पहुंच जाएगी। दूसरी ओर, पुराने जलाशयों में सिल्ट जमा होने से उनकी भंडारण क्षमता करीब 10 फीसद घट चुकी है। जिले का एकमात्र गोंदली जलाशय सीमित क्षमता वाला है और वह भी बारिश व तांदुला के पानी पर निर्भर है। ऐसे में भविष्य की बढ़ती जरूरतों के मुकाबले जल प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था बड़ी चुनौती बन रही है।

स्थायी समाधान का अब भी इंतजार

दोनों परियोजनाओं की कुल प्रस्तावित लागत करीब 2,775 करोड़ रुपए है। इन पर काम शुरू होने और पूरा होने की समयसीमा स्पष्ट नहीं होने से जिले की बढ़ती जल जरूरतों का स्थायी समाधान अब भी इंतजार में है।

60 फीट से 300 फीट तक पहुंचा पानी

जलाशयों और नहरों से पर्याप्त पानी नहीं मिलने का असर भूजल स्तर पर भी दिख रहा है। धमधा और पाटन के कई इलाकों में पहले 40 से 60 फीट पर पानी मिल जाता था, जबकि गर्मियों में 250 से 300 फीट तक बोर कराना पड़ रहा है। किसानों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है।

महानदी-तांदुला लिंक परियोजना

करीब 1,074.58 करोड़ रुपए की इस परियोजना के तहत महानदी का पानी लिफ्ट सिस्टम से तांदुला जलाशय तक पहुंचाने की योजना है। इससे तीन जिलों की पेयजल जरूरतें पूरी करने और 20 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा विकसित करने का लक्ष्य है।

Kharkhara Ruda Pipeline Project: खरखरा-रूदा पाइपलाइन

करीब 1,700 करोड़ रुपए की प्रस्तावित योजना में खरखरा जलाशय से शिवनाथ नदी पर स्थित दुर्ग के रूदा एनीकट तक पाइपलाइन से पानी लाने की तैयारी है। इससे दुर्ग-भिलाई की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के साथ 17 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की संभावना है।

आशुतोष सारस्वत, कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग के अनुसार दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित हैं और उनकी स्वीकृति का इंतजार है। इनके पूरा होने से पेयजल आपूर्ति और सिंचाई का रकबा बढ़ाने में मदद मिलेगी।