कोरोना काल में भी सरकारी अस्पताल में सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसका खुलासा कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण में अहिवारा और धमधा स्वास्थ्य केंद्र में हुआ।
दुर्ग. कोरोना काल में भी सरकारी अस्पताल में सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसका खुलासा कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण में अहिवारा और धमधा स्वास्थ्य केंद्र में हुआ। कलेक्टर ने इस पर संबंधितों को जमकर फटकार लगाई व 15 दिन के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिन बाद अव्यवस्था अथवा गंदगी मिली तो संबंधितों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने धमधा और अहिवारा दोनों ही स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई की खराब स्थिति पर सख्त नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि साफ सफाई एक बिल्कुल सामान्य व्यवस्था है। जिसके संबंध में की गई लापरवाही से खराब व्यवस्था झलकती है। अस्पताल परिसर में तो ऐसा कतई नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवनदीप समिति से प्राप्त आय के माध्यम से अस्पताल में व्यवस्था और बेहतर कर सकते हैं।
कलेक्टर ने कहा कि अगले पंद्रह दिनों में वे अस्पताल में पुन: आएंगे, तब तक अस्पताल में मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। उन्होंने सीएचसी धमधा के भवन के स्थल का चिन्हांकन भी किया। साथ ही यह भी कहा कि डिजाइन इस तरह तैयार हो कि बरगद के पेड़ को किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचे।
गौठानों का भी किया निरीक्षण
कलेक्टर ने धमधा ब्लाक के चार गौठानों का निरीक्षण किया। वे पेण्ड्रीतराई, लहंगा, दारगांव तथा भरनी के गौठान में गए। वहां उपस्थित स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा कम्पोस्ट खाद के बारे में जानकारी ली। पेण्ड्रीतराई में महिला स्वसहायता समूहों की सदस्यों ने बताया कि वे 25 किलो सब्जी उत्पादित कर लेती हैं और इसका गांव में ही विक्रय कर देती हैं।
90 की जगह केवल 50 दिन में खाद
कलेक्टर ने महिलाओं से पूछा कि आप लोग किस तरह से नवाचार कर रही हैं। महिलाओं ने बताया कि कंपोस्ट खाद बनाने के लिए ही हमने नया तरीका चुना है। अब हम लोग डिकंपोसर का उपयोग कर रही हैं। इसके माध्यम से 90 दिन में बनने वाला खाद केवल 50 दिनों में तैयार हो रहा है।
पहुंचे राजपुर बीज प्रगुणन केंद्र
कलेक्टर ने राजपुर के बीज प्रगुणन केंद्र के निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण भी किया। यहां उन्होंने पंद्रह अगस्त तक पूरा काम समाप्त करने के निर्देश दिए। इस केंद्र के तैयार हो जाने से किसानों को सब्जी के बेहतर क्वालिटी के पौधे मिल पाने में आसानी होगी।