बाइक खरीदने के कुछ माह बाद करंट सप्लाई बंद होने और इंजन में कंपन आने की शिकायत को दूर नहीं करने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने एक लाख 16 हजार दो रुपए देने का निर्देश दिया है। उक्त राशि अनाल होण्डा सुपेला, प्रबंधक होण्डा बाइक व स्कूटर इंडिया लिमिटेड और प्रबंधक जीके आटोमोटिव प्रायवेट लिमिटेड को देना होगा। कुल राशि में 61 हजार 200 रुपए बाइक कीमत, 50 हजार रुपए हर्जाना और पांच हजार रुपए वाद व्यय शामिल है। सेक्टर फोर भिलाई निवासी विमल कुमार स्वर्णकार 48 साल के परिवाद पर फैसला जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया।
बाइक में करंट आना बंद हो गया
परिवाद पत्र के मुताबिक विमल कुमार स्वर्णकार ने 11 जनवरी 2015 को बाइक खरीदा था। एक माह तक बाइक में किसी तरह की समस्या नहीं थी। फरवरी माह में करंट आना बंद हो गया। सर्विसिंग के दौरान समस्या बताने पर क्वाइल को बदलते हुए इंजन का कंपन चेक किया। सर्विंग करने वाले ने कहा कि 1500 किलोमीटर चलाने के बाद इंजन का कंपन अपनेआप बंद हो जाएगा, लेकिन कंपन बंद नहीं हुआ।
इंजीनियर कब आएगा इसकी जानकारी नहीं
कस्टमर केयर में शिकायत करने पर अनाल होण्डा से फोन आया कि 27 मार्च2015 को बाइक लेकर वर्कशॉप पहुंचे। ड्यूटी के कारण निर्धारित दिन में वह नहीं पहुंच पाया। बाद में संपर्क करने पर जानकारी दी गई कि इंजीनियर कब आएगा इसकी जानकारी नहीं। बाद में दोबारा बुलाकर कार्बोरेटर बदलकर उसे वापस भेज दिया।
परिवादी का कहना था कि चार अप्रैल 2015 को वह बाइक से रायपुर जा रहा था। अचानक करंट सप्लाइ बंद होने से इंजन बंद हो गया। बाइक के अचानक बंद होने से गंभीर दुर्घटना होने से बच गया। समय पर अगर वह नहीं सम्हलता तो उसे गंभीर चोट लगने की संभावना थी।
सुनवाई के दौरान अनावेदक की ओर से तर्क प्रस्तुत किया गया कि परिवादी ने बाइक के प्रथम सविर्सिंग कराने के दौरान किसी तरह की समस्या नहीं बताई। समस्या बताने पर नि:शुल्क क्वाइल को बदला गया। साथ ही कार्बोरेटर को भी बदला गया। परिवादी ने बाइक में पुराना लैगगार्ड लगा रखा था। सही तरीके से नहीं लगने के कारण अन्य समस्या आ रही थी। जिसके बारे में बताया गया था। विमल कुमार ने धमकी दी थी कि अगर वे बाइक को नहीं बदले तो उन पर केस करेगा। उन्होंने केस करके ही टीवी बदला है।