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शिक्षकों की कमी: दो घंटे तक ग्रामीणों का प्रदर्शन

नए शिक्षण सत्र की शुरुआत मंगलवार से हो गई है। आधी- अधूरी तैयारी के बीच बच्चे स्कूल पहुंचे। डौंडी ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला कांडे में पहले दिन ही ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया।

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नए शिक्षण सत्र की शुरुआत मंगलवार से हो गई है। आधी- अधूरी तैयारी के बीच बच्चे स्कूल पहुंचे। डौंडी ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला कांडे में पहले दिन ही ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया।

नए शिक्षण सत्र की शुरुआत मंगलवार से हो गई है। आधी- अधूरी तैयारी के बीच बच्चे स्कूल पहुंचे। डौंडी ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला कांडे में पहले दिन ही ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने शिक्षकों की कमी को लेकर यह कदम उठाया।
शिक्षक की मांग ग्रामीण साल 2022 से कर रहे थे, लेकिन शिक्षा विभाग ने इसे हल्के में लिया और शिक्षकों की भर्ती नहीं की। हालांकि शिक्षा विभाग ने दो शिक्षकों की व्यवस्था करने की बात कही, तब ग्रामीणों ने तालाबंदी समाप्त कर स्कूल खोला। ग्रामीणों ने लगभग दो घंटे प्रदर्शन किया। तालाबंदी की सूचना पर डौंडी जनपद सीईओ, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार व पुलिस विभाग की टीम पहुंची और ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किया।

एक जुलाई तक इंतजार, फिर जाएंगे कलेक्ट्रेट

ग्रामीणों को विकासखंड शिक्षा अधिकारी पी. चतुर्वेदी ने आश्वासन दिया कि एक शिक्षक की व्यवस्था तत्काल व एक संगवारी शिक्षक की व्यवस्था एक जुलाई तक की जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि एक जुलाई तक शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को कलेक्ट्रेट व जिला शिक्षा कार्यालय ले जाया जाएगा और वहीं शिक्षक की मांग करेंगे।

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स्कूल में हैं 99 बच्चे, शिक्षक मात्र दो

गांव में संचालित स्कूल में 99 बच्चे हैं। उन्हें पढ़ाने के लिए मात्र दो ही शिक्षक हैं। ग्रामीणों का कहना कि स्कूल में एक प्रधान पाठक व दो शिक्षक हैं, लेकिन एक शिक्षक तो विगत वर्षों से मेडिकल पर हैं। स्कूल नहीं आ रहे हैं। अब दो ही शिक्षक हैं। 99 बच्चों को दो शिक्षकों ने पढ़ाई कराना संभव नहीं है।

स्कूलों में अलग-अलग मापदंड से नाराज ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि पास के गांव कोकान में कुल 19 बच्चे हैं, लेकिन यहां तीन शिक्षक हैं। आमाडुला में 45 बच्चे हैं और तीन शिक्षक हैं। सिर्फ कांडे स्कूल में क्यों इस तरह व्यवस्था बनाई है। ग्रामीणों ने कहा कि दो साल से शिक्षक की मांग हो रही है तो जिला शिक्षा विभाग क्यों गंभीर नहीं हुआ। तत्काल इस मामले पर संज्ञान लेने की मांग ग्रामीणों ने की है।

जिले में शिक्षकों की कमी, भर्ती पर ध्यान नहीं

जिले के कई स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थी व पालक परेशान हैं। ग्रामीणों ने आंदोलन की अभी शुरुआत की है। अभी अन्य गांव में भी शिक्षकों की कमी को लेकर तालाबंदी व धरना प्रदर्शन हो सकता है।

आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त

डौंडी बीईओ पी. चतुर्वेदी ने कहा कि कांडे के ग्रामीणों ने शिक्षकों की मांग को लेकर स्कूल के सामने प्रदर्शन किया। स्कूल में एक शिक्षक अटैच से भर्ती की जाएगी। एक संगवारी शिक्षक की भर्ती की जाएगी। इस आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त किया और स्कूल खोला गया।