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America Iran War: ईरान-अमेरिका समझौते पर पोप लियो ने जताई खुशी, बोले- ‘भगवान का शुक्र है, अब युद्ध खत्म हो’

Pope Leo: ईरान और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम समझौते का पोप लियो ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध की बजाय बातचीत और कूटनीति ही बेहतर रास्ता है। पोप ने उम्मीद जताई कि यह समझौता मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित करेगा और लंबे समय से जारी संघर्ष का अंत करेगा।

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भारत

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Anurag Animesh

Jun 17, 2026

America Iran War

America Iran War: अमेरिका ईरान युद्ध पर पोप लियो

Pope Leo On Iran-America War: मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते का स्वागत करते हुए पोप लियो ने उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता खुलेगा। उन्होंने कहा कि यह राहत की बात है कि दोनों देश युद्ध की जगह बातचीत का रास्ता चुन रहे हैं। इटली के कास्टेल गांडोल्फो स्थित अपने निवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पोप लियो ने कहा कि इस समझौते के लिए भगवान का धन्यवाद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी भी कई मुद्दे ऐसे हैं जिन पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा बाकी है, लेकिन किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से निकालना युद्ध की तुलना में कहीं बेहतर होता है।

युद्ध से दुनियाभर में तनाव


पोप ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि यह समझौता केवल अस्थायी राहत तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तव में युद्ध का अंत साबित हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब दोनों देश शांति और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ेंगे। गौरतलब है कि हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े सैन्य तनाव ने पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर दिया था। इस दौरान कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की अपील की थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हो गए थे नाराज


पोप लियो पहले भी युद्ध के खिलाफ अपनी राय खुलकर रख चुके हैं। ईरान से जुड़े संघर्ष पर उनकी टिप्पणियों के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी भी सामने आई थी। इसके बावजूद पोप लगातार शांति, संवाद और कूटनीति की वकालत करते रहे हैं। अब जब दोनों देशों के बीच समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी चल रही है और शुक्रवार को इसे औपचारिक रूप से मंजूरी मिलने की संभावना है, तब दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं कि क्या यह कदम वास्तव में क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित कर पाएगा या नहीं। फिलहाल, वैश्विक स्तर पर इस पहल को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आपको बता दें कि इस संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति पहले ही कई ऐलान कर चुके हैं। अब इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।