
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू। (Photo-IANS)
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासन में भी इजराइल के साथ अमेरिका का तनाव बढ़ गया है। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका और इजराइल के बीच जो नया तनाव सामने आया, वो इतना खुला और तीखा था कि पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति का इजराइली नेता पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधना बहुत असामान्य बात है। हालांकि पीछे से दोनों देशों के बीच मतभेद बहुत पुराने हैं, लेकिन ट्रंप के समय ये मतभेद पूरी दुनिया के सामने आ गए हैं।
ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर जो सार्वजनिक टिप्पणियां कीं हैं, वो पिछले सभी अमेरिकी राष्ट्रपतियों से अलग हैं।
आमतौर पर ऐसे मुद्दे बंद कमरों में सुलझाए जाते रहे हैं। लेकिन इस बार सब कुछ मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर खुलकर आ गया। दोनों सहयोगी देशों के बीच इस तरह का खुला विवाद पहले कम ही देखने को मिला है।
अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव 1948 से चले आ रहे हैं, जब पूर्व राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने इजराइल को मान्यता दी थी। उसके बाद से कई बार दोनों देशों के बीच टकराव हुआ है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर को भी इजराइलियों से दिक्कतें थीं।
ड्वाइट आइजनहावर ने स्वेज संकट के बाद इजराइल को सिनाई प्रायद्वीप से बाहर निकलने का आदेश दिया था। इसके बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री मेनाकेम बेगिन पसंद नहीं थे। वहीं, जॉर्ज एच।डब्ल्यू। बुश के इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री यित्जाक शामिर के साथ रिश्ते अच्छे नहीं थे।
हाल के समय में, नेतन्याहू और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच भी बिल्कुल नहीं बनी। जब अमेरिका के तत्कालीन उपराष्ट्रपति जो बाइडन इजराइल पहुंचे, तो नेतन्याहू ने बस्तियों के विस्तार की घोषणा करके ओबामा का खुलेआम अपमान किया।
जबकि बाइडन अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर 7 अक्टूबर, 2023 के हमलों के बाद इजराइल का दौरा करने वाले दुनिया के पहले नेता थे, उन्होंने इजराइल के लिए 'रेड लाइन' भी तय कीं, जिससे नेतन्याहू बाइडन के प्रशंसक नहीं रहे। तो, दोनों देशों के बीच सालों से तनाव रहा है। लेकिन ट्रंप के कार्यकाल में यह तनाव कभी भी इतने खुले तौर पर सामने नहीं आया।
पिछले राष्ट्रपतियों के समय तनाव चुपचाप संभाला जाता था, ट्रंप के दौर में ये पूरी तरह सार्वजनिक हो गया। दोनों तरफ से बयानबाजी हुई, जो सहयोगी देशों के बीच सामान्य नहीं मानी जाती।
इजराइल अमेरिका का सबसे करीबी सहयोगी माना जाता है, लेकिन इस बार रिश्तों में दरार साफ नजर आई। दोनों देशों के बीच सुरक्षा, खुफिया जानकारी और सैन्य सहयोग बहुत मजबूत है। लेकिन नेताओं के बीच व्यक्तिगत और सार्वजनिक मतभेद रिश्तों को प्रभावित करते रहे हैं।
फिलहाल ये तनाव दिखाता है कि भले ही दोनों देश एक-दूसरे पर निर्भर हैं, लेकिन उनके हित हमेशा एक जैसे नहीं होते। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दोस्ती भी हमेशा आसान नहीं होती। अमेरिका-इजराइल का मामला इसका सबसे ताजा उदाहरण बन गया है।
Published on:
16 Jun 2026 07:38 pm
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