
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। ( फोटो: ANI)
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बड़ा बयान दिया है। साथ ही उन्होंने इजराइल को सुझाव दिया है कि हिज्बुल्लाह जैसे दुश्मन से निपटने का काम सीरिया को सौंप देना चाहिए।
ट्रंप ने खुलकर कहा कि सीरिया के मौजूदा नेता अहमद अल-शारा इस काम को इजराइल से बेहतर तरीके से कर सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब इजराइल-लेबनान सीमा पर तनाव लगातार बना हुआ है और दोनों तरफ से हमले जारी हैं।
ट्रंप ने G7 समिट के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इजराइल बहुत लंबे समय से हिज्बुल्लाह से लड़ रहा है, लेकिन इसमें बहुत सारे आम लोग मारे जा रहे हैं।
उन्होंने साफ कहा- हर बार किसी एक को ढूंढने के लिए पूरे अपार्टमेंट को गिराने की जरूरत नहीं है। वहां रहने वाले सब हिज्बुल्लाह नहीं होते।
ट्रंप ने अहमद अल-शारा को 'मैंने वहां रखा है' कहकर अपना प्रभाव दिखाया। उनका कहना था कि शारा हिज्बुल्लाह को बिल्कुल पसंद नहीं करते और वे इस मुद्दे को अच्छे से संभाल सकते हैं।
ट्रंप ने कहा कि इजराइल की तुलना में सीरिया हिज्बुल्लाह पर बेहतर काबू पा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बहुत ज्यादा लोग मारे जा रहे हैं, अब इस लड़ाई को रोकना चाहिए।
ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू को लेबनान के मामले में ज्यादा जिम्मेदार बनना चाहिए। ट्रंप का इशारा था कि नेतन्याहू की नीतियों की वजह से अमेरिका और ईरान के बीच डील मुश्किल हो रही है।
ट्रंप ने दावा किया- मेरे बिना इजराइल नहीं बचता। कोई और राष्ट्रपति वो नहीं कर पाता जो मैंने किया। लेकिन अब उनके और नेतन्याहू के रिश्ते में खटास साफ दिख रही है।
इजराइल कई सालों से ईरान समर्थित हिजबुल्लाह को काबू करने की कोशिश कर रहा है। लेबनान से छोड़े गए रॉकेट इजराइल के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। लेकिन ट्रंप का मानना है कि सैन्य कार्रवाई के अलावा भी रास्ते निकल सकते हैं। उन्होंने सीरिया को इस लड़ाई में आगे लाने का सुझाव दिया है।
ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ विशेषज्ञ इसे ट्रंप की नई कूटनीति मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे इजराइल पर दबाव बनाने की कोशिश बता रहे हैं। मध्य पूर्व में शांति की उम्मीद अभी भी कमजोर है, लेकिन ट्रंप स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि पुरानी लड़ाइयों को अब नया रूप देना होगा।
Published on:
16 Jun 2026 05:21 pm
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