
भिलाई. बहती गंगा में हाथ धोना, यह कहावत तो सुनी ही होगी। अब देख भी लीजिए। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के लिए पहली बार 1 लाख 63256 परीक्षा फार्म जमा हुए हैं। यानी बीते साल की तुलना में 20 हजार आवेदन बढ़ गए। दो साल से चला आ रहा कोरोना संक्रमण खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। लिहाजा, विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं ऑनलाइन मोड पर यानी घर बैठे हो रही है। बीते साल भी इसी तरह का माहौल बना था, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या में बहुत अधिक बढ़त नहीं देखी गई थी, जबकि इस साल 20 हजार से अधिक नए आवेदन आ गए। ओपन बुक एग्जाम (Open Book exam) ने परीक्षार्थियों का ग्राफ एक तरफा बढ़ा दिया है। दुर्ग के अलावा अन्य जिलों से सबसे ज्यादा परीक्षा फार्म जमा हुए हैं।
कैसे बढ़ गए फार्म
हेमचंद विवि प्रशासन (Durg university) ने बताया कि कोरोना संक्रमण की बढ़ती लहरों को देखते हुए परीक्षा ऑनलाइन कराना ही विकल्प शेष है। इस बार जो बढ़े हुए आवेदन आए हैं, उनमें वह विद्यार्थी भी हैं जो कई बार प्रयास करने के बाद भी मुख्य परीक्षा पास नहीं हो पा रहे थे। स्वाध्यायी विद्यार्थियों में ग्रहणियों, नौकरीपेशा, बुजुर्ग सभी शामिल हो गए हैं। विवि के एक अधिकारी ने बताया कि इस परीक्षा के लिए उन लोगों ने भी फार्म भरा है, जो लंबे समय पहले से पढ़ाई छोड़ चुके थे, लेकिन परीक्षाएं घर बैठे ओपन बुक पैटर्न पर होने की वजह से परीक्षा में शामिल होंगे। कई छात्राएं जिनकी शादी हो चुकी हैं, उन्होंने भी आवेदन किए हैं।
खुलेंगी स्टेशनरी की दुकानें
विवि प्रशासन ने बताया कि सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए 5 मई से वेबसाइट पर पेपर अपलोड करने शुरू होंगे। सेमेस्टर परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिका, पैन आदि खरीदने की जरूरत होगी। ऐसे में विवि ने दुर्ग संभाग के सभी जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर स्टेशनरी की दुकानों को निर्धारित समय तक खोलने के लिए आग्रह किया है। विवि प्रशासन के मुताबिक राजनांदगांव व कवर्धा जिला प्रशासन ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। दोनों जिलोंं में स्टेशनरी की दुकान सुबह 8 से 12 बजे तक खुलेंगी। दुर्ग जिले में भी जल्द ही इसको लेकर गाइडलाइन जारी हो सकती है।
सेमेस्टर में 26 हजार विद्यार्थी
सेमेस्टर परीक्षा ऑनलाइन मोड से ली जाएगी। इस साल 26 हजार नियमित विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षाएं 5 मई से शुरू हो जाएंगी। उत्तर लिखने के बाद विद्यार्थी उत्तरपुस्तिका अपने-अपने कॉलेजों में जमा करेंगे, जहां वे पढ़ते हैं। विवि की कुलपति डॉ. अरुणा पल्टा ने यह निर्णय विवि परिक्षेत्र के अंदर आने वाले सभी 138 महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक में लिया है। बीएड, एलएलबी, बीपीएड, बीबीए, एमए, एमएससी, एमकॉम, एमपीएड, योगा, एमएचएससी के प्रश्न पत्र अलग अलग तिथि में अपलोड किए जाएंगे।
विवि का कवर पेज जरूर लगाएं
विद्यार्थी को प्रश्न पत्र डाउनलोड कर घर पर उसे अपने स्वयं की उत्तर पुस्तिका में हल करना होगा। उत्तर पुस्तिका के साथ दुर्ग विवि द्वारा निर्धारित कव्हर पेज लगाना अनिवार्य होगा। विद्यार्थी को परीक्षा समाप्ति के बाद अपने अध्ययनरत महाविद्यालय में एक साथ सभी उत्तरपुस्तिकाओं को जमा करने के लिए 3 दिन का समय दिया जाएगा। हेमचंद विवि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य पूर्ण होने पर मूल्यांकन कर्ताओं को नकद भुगतान करेगा। उन्होंने बताया कि जैसे ही सेमेस्टर परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं जमा हो जाएंगी, विवि तत्काल वार्षिक परीक्षाओं का ऑनलाइन एग्जाम शुरू कराएगा।