Fake WhatsApp account Fraud in Durg: दुर्ग में साइबर ठगों ने कंपनी डायरेक्टर के पिता की फोटो और DP लगाकर फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया और अकाउंटेंट को झांसे में लेकर 20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
Fake WhatsApp account Fraud: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने खुद को कंपनी डायरेक्टर बताकर अकाउंटेंट से 20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। आरोपी ने कंपनी डायरेक्टर के पिता की फोटो और डीपी का इस्तेमाल करते हुए फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया और अकाउंटेंट को भरोसे में लेकर रकम अपने खाते में डलवा ली। मामले की शिकायत मिलने के बाद सुपेला पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक प्रार्थी यश बत्रा (27) साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। कंपनी के दुर्ग, भिलाई, रायपुर और राजनांदगांव में शोरूम संचालित हैं। कंपनी के सभी वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी पिछले 13 वर्षों से अकाउंटेंट मेष पटेल संभाल रहा है। भुगतान और ट्रांजैक्शन संबंधी मंजूरी के लिए कंपनी के डायरेक्टर और अकाउंटेंट के बीच WhatsApp ग्रुप भी बना हुआ है, जिससे निर्देशों का आदान-प्रदान किया जाता था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने पूरी साजिश को अंजाम दिया।
बताया जा रहा है कि कंपनी डायरेक्टर यश बत्रा के पिता श्रीचंद बत्रा इन दिनों ऑस्ट्रेलिया गए हुए हैं। इसी दौरान 21 मई को अकाउंटेंट मेष पटेल के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से WhatsApp मैसेज आया। उस नंबर पर श्रीचंद बत्रा की फोटो और वही प्रोफाइल डीपी लगी हुई थी, जिससे अकाउंटेंट को लगा कि मैसेज वास्तव में कंपनी मालिक की ओर से आया है। मैसेज में तत्काल एक HDFC बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए थे।
फर्जी मैसेज और डायरेक्टर की डीपी देखकर अकाउंटेंट को किसी तरह का शक नहीं हुआ। उसने इसे कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी का आदेश मानते हुए कंपनी के SBI करंट अकाउंट से 20 लाख रुपये बताए गए HDFC बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने पूरी योजना बेहद सुनियोजित तरीके से बनाई थी ताकि अकाउंटेंट को किसी तरह का संदेह न हो।
घटना के अगले दिन यानी 22 मई को उसी नंबर से फिर मैसेज आया। इस बार आरोपी ने 48 लाख रुपये और ट्रांसफर करने को कहा। इतनी बड़ी रकम की मांग होने पर अकाउंटेंट को शक हुआ और उसने इस बारे में कंपनी डायरेक्टर यश बत्रा से चर्चा की। यश बत्रा ने तुरंत अपने पिता श्रीचंद बत्रा से संपर्क किया। बातचीत में पता चला कि उन्होंने किसी भी प्रकार की रकम ट्रांसफर करने के निर्देश नहीं दिए थे। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ कि अकाउंटेंट साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद सुपेला पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर और HDFC बैंक खाते के धारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल्स और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रकम कहां ट्रांसफर की गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
साइबर अपराधी अब लोगों की फोटो और सोशल मीडिया प्रोफाइल का इस्तेमाल कर भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर कंपनियों और व्यापारिक संस्थानों को निशाना बनाकर फर्जी WhatsApp अकाउंट से पैसे ट्रांसफर कराने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े भुगतान से पहले फोन कॉल या वीडियो कॉल के जरिए पुष्टि जरूर करनी चाहिए। केवल WhatsApp मैसेज और डीपी देखकर भरोसा करना भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए पैसों के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई न करें। यदि कोई व्यक्ति परिचित की फोटो लगाकर रकम मांगता है तो पहले उसकी पुष्टि करें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।