दुर्ग

भूपेश के आरोपों के बाद प्रशासन एक्टिव! पाटन में 135 कृषि केंद्रों पर छापे, अमानक खाद जब्त

Agriculture Centers Inspection: पाटन में खाद-बीज की कमी का मुद्दा उठने के बाद दुर्ग प्रशासन ने 135 कृषि केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच में अमानक उर्वरक मिले, सात विक्रेताओं को नोटिस जारी किया गया।

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Jun 20, 2026
Chhattisgarh Fertilizer Raid
135 कृषि केंद्रों पर छापेमारी (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Fertilizer Raid: छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के बीच खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा पाटन क्षेत्र में खाद-बीज की कमी का मुद्दा उठाए जाने के बाद दुर्ग जिला प्रशासन और कृषि विभाग सक्रिय हो गए हैं। प्रशासन ने एक ओर जहां खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर जिलेभर में कृषि केंद्रों पर व्यापक जांच अभियान चलाकर कई अनियमितताओं का खुलासा किया है। जांच के दौरान अमानक उर्वरकों की बिक्री, स्टॉक में गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए कई उर्वरक जब्त किए हैं और सात विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

Chhattisgarh Agriculture News: भूपेश बघेल के दौरे के बाद बढ़ी हलचल

हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर किसानों से मुलाकात की थी। इस दौरान किसानों ने खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं। भूपेश बघेल ने किसानों की शिकायतों को गंभीर बताते हुए कहा था कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल स्थिति स्पष्ट करने के लिए खाद-बीज भंडारण और उपलब्धता के आंकड़े सार्वजनिक किए।

प्रशासन का दावा: खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध

कृषि विभाग और बीज निगम के अनुसार पाटन विकासखंड में खरीफ सीजन 2026 के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया है। आईएमएफएस (iMFS) पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में 5556.78 मीट्रिक टन यूरिया, 2763.07 मीट्रिक टन एसएसपी, 1314.60 मीट्रिक टन पोटाश, 1105.05 मीट्रिक टन डीएपी, 1026.90 मीट्रिक टन एनपीके का भंडारण किया गया है। प्रशासन का दावा है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यूरिया, एसएसपी और पोटाश का स्टॉक काफी अधिक रखा गया है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

डीएपी की कमी स्वीकार, विकल्पों पर जोर

हालांकि कृषि विभाग ने डीएपी की आंशिक कमी स्वीकार की है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर डीएपी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण इसकी उपलब्धता सीमित है, लेकिन किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभाग एसएसपी, टीएसपी, एनपीके और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। अधिकारियों का दावा है कि ये उर्वरक फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने में सक्षम हैं और किसानों को इनके उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है।

2790 क्विंटल बीज का बफर स्टॉक सुरक्षित

प्रशासन के अनुसार खाद के साथ-साथ बीज की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ और बीज निगम के रूआबांधा स्थित गोदामों में पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध हैं। इसके अलावा करीब 2790 क्विंटल बीज का बफर स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आपूर्ति भी तत्काल उपलब्ध कराई जा सकती है।

Fertilizer Black Marketing: 135 कृषि केंद्रों पर औचक निरीक्षण

खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष जांच अभियान शुरू किया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने निजी और सहकारी कृषि केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया। अब तक जिले के 135 कृषि केंद्रों की जांच की जा चुकी है। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए। जांच में स्टॉक संधारण में गड़बड़ी, निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करना और बिना अनुमति अतिरिक्त स्रोतों से उर्वरकों की बिक्री जैसी अनियमितताएं मिलीं।

सात विक्रेताओं को नोटिस

जांच के दौरान मिली गड़बड़ियों के आधार पर कृषि विभाग ने सात विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने संबंधित विक्रेताओं से जवाब मांगा है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी है।

अमानक खाद और बायो स्टिम्यूलेंट जब्त

निरीक्षण के दौरान सेलूद, रानीतराई और धमधा क्षेत्र के कई कृषि केंद्रों में बायो स्टिम्यूलेंट की बिक्री में अनियमितताएं पाई गईं। इसके अलावा ऋषभराज फर्टिलाइजर, विद्या कृषि केंद्र बोरी और कृषि सेवा केंद्र पाटन में उर्वरकों के स्टॉक और अधिक कीमत पर बिक्री से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए यूरिया, एनपीके, एसएसपी, पोटाश, ऑर्गेनिक मैन्योर और बायो स्टिम्यूलेंट सहित बड़ी मात्रा में उर्वरक जब्त कर लिए हैं। संबंधित प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं।

लैब जांच में फेल हुए पांच नमूने

जांच के दौरान लिए गए उर्वरक नमूनों की प्रयोगशाला जांच में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। पांच अलग-अलग विक्रय केंद्रों से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट में सभी नमूने अमानक पाए गए। इसके बाद संबंधित उर्वरकों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई। कृषि विभाग ने संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

Patan Fertilizer Issue: कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन सख्त

कृषि विभाग ने साफ किया है कि खाद और बीज की कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी करने, कालाबाजारी करने या अमानक उर्वरकों की बिक्री करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

Published on:
20 Jun 2026 08:27 pm