BJP vs Congress: झिरिया गांव में गौवंश मौत मामले को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। विरोध प्रदर्शन के बाद देवेंद्र यादव समेत 17 कांग्रेस नेताओं पर केस दर्ज होने से कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं।
BJP vs Congress: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के झिरिया गांव में बड़ी संख्या में गौवंश की मौत का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। घटना के विरोध में कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने देवेंद्र यादव समेत 17 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रदेश की राजनीति और गरमा गई है तथा कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं। बताया जा रहा है कि झिरिया गांव में 300 से ज्यादा गौवंश की मौत के बाद कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। कांग्रेस नेताओं ने इसे गौ संरक्षण व्यवस्था की बड़ी विफलता बताते हुए प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गौवंश मौत मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक देवेंद्र यादव कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान दयालदास बघेल की प्रतीकात्मक शव यात्रा भी निकाली गई थी, जिसे लेकर विवाद और बढ़ गया। बताया जा रहा है कि खाद्य मंत्री की ओर से चंदनू थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए देवेंद्र यादव सहित 17 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर गौवंश संरक्षण को लेकर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि सरकार गौ माता के नाम पर राजनीति तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर गौवंश की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते उचित व्यवस्था की जाती तो इतनी बड़ी संख्या में गौवंश की मौत नहीं होती। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे यदुवंशी समाज से आते हैं और गौ माता का अपमान या शोषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेंगे। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के समय गौ माता के नाम पर वोट मांगती है, लेकिन वास्तविक समस्याओं पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता और गौवंश से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी, चाहे इसके लिए कितनी भी कार्रवाई क्यों न झेलनी पड़े।
वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के प्रदर्शन को राजनीतिक स्टंट करार दिया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ लेने के लिए कर रही है। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि राज्य सरकार गौवंश संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है और झिरिया गांव मामले की जांच भी कराई जा रही है। उन्होंने कांग्रेस पर अनावश्यक रूप से माहौल खराब करने और लोगों को भड़काने का आरोप लगाया।
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच शुरू हो गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान किन परिस्थितियों में विवाद बढ़ा और किन-किन लोगों की भूमिका रही। सूत्रों के अनुसार पुलिस प्रदर्शन से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में मामले में और कार्रवाई हो सकती है।
गौवंश मौत मामले और कांग्रेस नेताओं पर दर्ज एफआईआर ने प्रदेश की राजनीति को और ज्यादा गरमा दिया है। कांग्रेस इसे सरकार की विफलता और आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक ड्रामा करार दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है, क्योंकि दोनों दल इसे जनता के बीच जोर-शोर से उठाने की तैयारी में हैं।