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Durg News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग किस तरह अपराध को नया रूप दे रहा है, इसका चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आईपीएल मैच के दौरान नकली टिकट बेचने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर ChatGPT और अन्य डिजिटल टूल्स की मदद से आईपीएल मैच की फर्जी टिकट तैयार की और स्टेडियम के बाहर दर्शकों को बेचने लगे। गिरफ्तार सभी युवक छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक मामला लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र का है। यहां आईपीएल मैच के दौरान बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंच रहे थे। इसी भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी नकली टिकट बेचने की योजना बना रहे थे। आरोपियों ने असली टिकट की डिजाइन और QR कोड जैसी चीजों की हूबहू नकल तैयार की थी ताकि लोगों को शक न हो। पुलिस के अनुसार कुछ दर्शकों को टिकट पर संदेह हुआ, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई। जांच में पता चला कि टिकट फर्जी हैं और उन्हें डिजिटल माध्यम से तैयार किया गया है।
सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस ने प्रार्थी प्रदीप सिंह निवासी सुशील नगर की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच के दौरान सामने आया कि चारों युवक दुर्ग जिले के निवासी हैं और वे मैच के दौरान स्टेडियम के बाहर फर्जी टिकट बेच रहे थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नया ऑफिस शुरू करना चाहते थे और जल्दी पैसे कमाने के लिए इस तरह की ठगी की योजना बनाई। उन्होंने इंटरनेट और AI आधारित प्लेटफॉर्म्स की मदद से टिकट डिजाइन तैयार की थी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने असली टिकट की तस्वीरें जुटाईं और उसी के आधार पर नकली टिकटों को एडिट कर प्रिंट कराया। पहली नजर में टिकट असली जैसी दिखाई दे रही थी, जिससे कई लोग धोखे का शिकार हो सकते थे।
इस मामले ने साइबर सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी विशेषज्ञों को भी सतर्क कर दिया है। AI टूल्स का गलत इस्तेमाल कर नकली दस्तावेज और टिकट तैयार करने के मामलों में तेजी आने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक जहां लोगों के काम को आसान बना रही है, वहीं गलत हाथों में पहुंचकर यह साइबर अपराध का बड़ा हथियार भी बन सकती है। ऐसे मामलों में आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी मैच, कार्यक्रम या यात्रा की टिकट केवल अधिकृत वेबसाइट या आधिकारिक काउंटर से ही खरीदें। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या स्टेडियम के बाहर कम कीमत में टिकट बेचने वालों से सावधान रहें। इसके अलावा टिकट पर मौजूद QR कोड, बुकिंग आईडी और अन्य विवरणों की जांच जरूर करें। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना देने की सलाह दी गई है।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि तेजी से बढ़ती AI तकनीक का दुरुपयोग किस हद तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल फ्रॉड के तरीके और ज्यादा एडवांस हो सकते हैं, इसलिए साइबर सुरक्षा और जागरूकता दोनों को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
Published on:
12 May 2026 11:20 am
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