
भिलाई. हमें अपने देश पर गर्व है। जब भी देश की बात चलती है हमारा सीना चौड़ा हो जाता है कि हम भारतीय है। अगर आप भी देशभक्ति की कुछ ऐसी ही भावना रखते हैं तो अपने देश के नाम जरूर खत लिखिए। डाक विभाग चिट्ठी लिखने की खत्म होती परंपरा को देख अपने अभियान 'ढाई आखरÓ के तहत गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर की रचि आमार देशेर माटी से प्रेरित होकर डाक विभाग ने मेरे देश के नाम पत्र लिखो प्रतियोगिता रखी है।
15 जुलाई से शुरू हुई यह स्पर्धा 30 अक्टूबर तक चलेगी। इसे किसी भी उम्र के व्यक्ति हिस्सा ले सकेंगे। साथ ही हिन्दी, अंग्रेजी के साथ ही स्थानीय भाषा का उपयोग पत्र लिखने में किया जा सकेगा। देश के नाम सर्वश्रेष्ठ पत्र लिखने वाले को 50 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। यह प्रतियोगिता सर्किल और नेशनल लेवल पर होगी। अब तक भिलाई-दुर्ग से करीब एक हजार लोगों ने देश के नाम खत लिखकर इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है।
यह भी है जरूरी
अंतरदेशीय में पत्र लेखन में शब्दों की संख्या 5 सौ निर्धारित है।
लिफाफा श्रेणी में 1 हजार शब्द रखी गई है शब्द सीमा
पत्र के साथ खुद से प्रमाणित आयु के सत्यापन का प्रमाणपत्र देना होगा।
बेस्ट पत्रों को मिलेगा इनाम
पत्र लेखन की यह प्रतियोगिता दो स्तर पर होगी। जिसमें पहले स्तर पर सभी राज्यों में सर्किल स्तर पर बेस्ट लेटर चुने जाएंगे। साथ ही बेस्ट तीन पत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा। प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम विजेता को 50 हजार रुपए, दूसरे स्थान पर 25 हजार एवं तीसरे स्थान पर रहने वाले को 10 हजार रुपए पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे। प्रांतीय स्तर पर प्रथम विजेता को 25 हजार रुपए, दूसरे को 15 हजार रुपए और तीसरे को 10 हजार रुपए पुरस्कार दिया जाएगा।
इस उम्र के लोग ले सकते हैं हिस्सा
पत्र लेखन के लिए उम्र का दायरा दो वर्गो में रखा गया है। पहले वर्ग में 18 साल तक की उम्र वाले और दूसरे में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग हिस्सा ले सकेंगे। देश के नाम यह खत डाक विभाग की अंतर्देशीय पत्र या ए-4 साइज के कोरे पेज पर लिखकर लिफाफे में डाक विभाग को भेज सकते हैं। यह पत्र खुद लिखना होगा। कंप्यूटराइज या टाइपिंग वाला खत मान्य नहीं होगा। पत्र को प्रतिभागी किसी भी डाकघर में भेज सकता है।