
दुर्ग. मां की डांट से बचने के लिए घर से भागे गोरेगांव (मुबंई) के दो नाबालिगों को आरपीएफ ने दुर्ग रेलवे स्टेशन में पकड़ा। दोनों मेल में चढ़कर हावड़ा जा रहे थे। आरपीएफ को महाराष्ट्र पुलिस ने सूचना दी थी कि दो नाबालिग मेल में सवार हैं। दोनों को ट्रेस क र सुरक्षित तरीके से रखा जाए। इसी सूचना के आधार पर आरपीएफ ने मेल के स्टेशन पहुंचते ही बच्चों की तलाश शुरू की थी।
साथ चलने के लिए दोस्त भी हो गया तैयार
पूछताछ में आठवी में पढऩे वाले नाबालिग ने बताया कि गुरुवार को फुटबाल खेलते समय उसके दोस्त ने बताया कि उसकी मां उसे ढूंढ रही है। ट्यूशन न जाकर खेलने पर उसकी पिटाई होने वाली है। मां की पिटाई व डांट से बचने वह भाग गया। साथ चलने के लिए नवमीं में पढऩे वाला एक दोस्त भी तैयार हो गया।
परिजन पहुंचे मुंबई स्टेशन
इधर नाबालिक के परिजन बच्चों की तलाश करते मुंबई स्टेशन पहुंचे। आरपीएफ व मुंबई पुलिस की मदद से स्टेशन में लगे सीसी टीवी के फुटेज को खंगाला गया। दोनों नाबालिग मेल में चढ़ते दिखाई दिए। समय को देखते हुए आरपीएफ मुबंई ने पहले ट्रेन का लोकेशन देखा।
इस तरह आरपीएफ ने पकड़ा बच्चों को
इसके बाद तत्काल दुर्ग आरपीएफ को सूचना दी। मुबंई पुलिस ने दुर्ग आरपीएफ के अधिकारियों से चर्चा करने के बाद तत्काल वाट्सऐप में नाबालिगों का फोटो पोस्ट किया था। इसके बाद सभी फोटो को दुर्ग आरपीएफ ने गु्रप में पोस्ट किया। इसी फोटो को देख दोनो नाबालिगों की पहचान कर मेल से उतारा गया।
बच्चों को सुरक्षित ट्रेन से उतारा
दुर्ग आरपीएफ प्रभारी पुरुषोत्तम तिवारी ने बताया कि बच्चों के मिलने की सूचना परिजन और मुबंई पुलिस को दी। परिजन यहां आने के लिए रवाना हो गए हैं। उनके देर रात पहुंचने की उम्मीद है। औपचारिकताएं पूरी कर बच्चों को परिजन के हवाले किया जाएगा।