दुर्ग

छत्तीसगढ़ में पहली बार धान खरीदी के साथ सरकार ने की भुगतान की व्यवस्था, खाते में पैसे पहुंचने से खिले किसानों के चेहरे

राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तत्काल बाद डाटा एंट्री और संबंधित किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर का प्रावधान किया गया है।

2 min read
Dec 08, 2021
छत्तीसगढ़ में पहली बार धान खरीदी के साथ सरकार ने की भुगतान की व्यवस्था, खाते में पैसे पहुंचने से खिले किसानों के चेहरे
छत्तीसगढ़ में पहली बार धान खरीदी के साथ सरकार ने की भुगतान की व्यवस्था, खाते में पैसे पहुंचने से खिले किसानों के चेहरे

दुर्ग. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ ही इस बार किसानों को भुगतान भी किया जा रहा है। जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं। हालात यह है कि खरीदी के पहले 4 दिन में ही धान बेचने वाले किसानों को 47 करोड़ 37 लाख से ज्यादा भुगतान कर दिया गया। अफसरों के मुताबिक जिले में पहली बार प्रावधान के अनुरूप तत्काल भुगतान हो रही है। राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तत्काल बाद डाटा एंट्री और संबंधित किसानों के खाते में राशि
ट्रांसफर का प्रावधान किया गया है। इसके बाद भी समय पर भुगतान नहीं होने की शिकायत रहती है। पूर्व में मेनुअल भुगतान में 15 से 20 दिन का समय लग जाता था। इसके अलावा राशि खाते में आ जाने के बाद बैंकों में जाकर राशि निकालने की परेशानी रहती है। इसे देखते हुए ऑनलाइन राशि ट्रांसफर का प्रावधान किया गया है। इसके बाद भी पिछले सालों तक 3 से 4 दिन विलंब से भुगतान की स्थिति बनती रही है, लेकिन इस बार तौल और डाटा एंट्री के साथ ही भुगतान का प्रावधान किया गया है।

3.74 लाख क्विंटल से ज्यादा खरीदी
दुर्ग जिले में खरीदी के पहले दिन से ही धान की बंपर आवक हो रही है। इसके चलते पहले 4 दिन में खरीदी का आंकड़ा 3 लाख 74 हजार 260 क्विंटल से आगे निकल गया है। यह धान 8 हजार 349 किसानों ने बेचा हैं। खरीदी केंद्रों में प्रतिदिन 80 से 85 हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है।

मंडी में अब भी पसरा है सन्नाटा
इधर इस बार समर्थन मूल्य पर समितियों में बिक्री के बाद बचे हुए धान की बिक्री के लिए मंडियों को भी खोला गया है। प्रदेश के कई जिलों में मंडियों में भी बड़ी संख्या में उपज लेकर किसानों के पहुंचने की खबर है, लेकिन संभाग मुख्यालय स्थित किसी उपज मंडी परिसर में अब भी सन्नाटा पसरा है। अभी भी यहां किसानों के उपज लेकर पहुंचने का सिलसिला शुरू नहीं हुआ है।

राशन दुकानों से बारदाने की डिमांड
इधर धान खरीदी के लिए नए बारदानों का बचा हुआ खेप अब भी नहीं मिल पाया है, इसलिए अब स्थानीय स्तर पर जरूरत की पूर्ति की पहल शुरू हो गई है। इसी के तहत राशन दुकान संचालकों ने पिछले माह का बचा हुआ और इस माह का राशन वितरण के बाद खाली बारदाना जमा कराने कहा जा रहा है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग अपेक्षा व्यास ने बताया कि किसानों को भुगतान शुरू कर दिया गया है। अब तक 47 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में जमा कराया जा चुका है। व्यवस्था को लेकर कहीं भी कोई भी शिकायत नहीं है। बैंक के अधिकारी लगातार व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

Updated on:
08 Dec 2021 01:25 pm
Published on:
08 Dec 2021 03:39 pm