नगपुरा तीर्थ के संस्थापक रावलमल जैन दपंती हत्याकांड के 9 दिन बाद आरोपी बेटे संदीप की पत्नी संध्या का बयान हो गया।
दुर्ग . नगपुरा तीर्थ के संस्थापक रावलमल जैन दपंती हत्याकांड के 9 दिन बाद आरोपी बेटे संदीप की पत्नी संध्या का बयान हो गया। इस दौरान पुलिस ने उससे 50 सवाल किए, तब भी किसी खास तथ्य का खुलासा नहीं हो पाया। बंद कमरे में ढाई घंटे तक पूछताछ में यह जरूर सामने आया कि पिता-पुत्र में वैचारिक मतभेद तो थे, लेकिन उनके बीच कभी मारपीट की नौबत नहीं आई।
पुलिस इस हाईप्रोफाइल मामले में संध्या के बयान को अहम मानकर चल रही थी। मंगलवार को बयान लेेने की जिम्मेदारी महिला टीआई नवी मोनिका पांडे को दी गई। पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा ने खुद टीआई से प्रकरण के गंभीर तथ्यों पर चर्चा की और पूछताछ के बिंदुओं को समझाया। बयान के समय टीआई भावेश साव के अलावा सिटी कोतवाली की महिला सब इंस्पेक्टर रमा कोष्टी के अलावा दो आरक्षक उपस्थित थे।
नार्को की मांगी मंजूरी
सिटी कोतवाली पुलिस आरोपी संदीप जैन का ब्रेन मेपिंग और नार्को टेस्ट कराना चाहती है। इसके लिए सीजेएम के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। न्यायालय की मांग पर पुलिस ने केस डायरी जमा भी कर दी है। न्यायालय के आदेश पर मंगलवार दोपहर टीआई भावेश साव उपस्थित भी हुए थे।
न्यायालय ने आवेदन पर किसी तरह का फैसला नही सुनाया। सिटी कोतवाली टीआई भावेश साव ने बताया कि मंगलवार को संध्या जैन से पूछताछ की गई। सुबह ११.३० से लेकर दोपहर २ बजे तक बयान लिया गया। पूछताछ हर पहलू को ध्यान में रख किया गया। पूछताछ के लिए उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन भी लिया गया था।
हाईप्रोफाइल हत्याकांड
नगपुरा तीर्थ के संस्थापक रावलमल जैन मणि (७४ वर्ष) और उसकी पत्नी सुरजी देवी (७१वर्ष) की हत्या एक जनवरी की सुबह गोली मार कर दी गई।रावलमल पर तीन और सूरजी देवी जैन पर तीन फायर देशी पिस्टल से किए गए थे। बाद में पिस्टल को घर के पीछे से पुलिस ने बरामद की। घटना का खुलासा सौरभ ने किया था। उसने पुलिस को बताया कि वह सुबह ६.३० बजे नानी सूरजी देवी के फोन पर चर्चा होने के बाद पहुंचा था।
सौरभ ने पुलिस को बताया कि जब वह नाना के घर पहुंचा तो उसके नाना-नानी मृत अवस्था में थे। जब वह नाना के घर पहुंचा तो उसका मामा संदीप जैन अपने कमरे में सो रहा था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने रावलमल जैन के पुत्र संदीप जैन को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया।
ऐसा रहा सवाल जवाब
संध्या ने बताया कि संदीप ने घर पर देशी पिस्टल कब से रखा था उसे नहीं मालूम। पिस्टल कहां से खरीदा गया और उसे कितने में खरीदा, इस संबंध में उसे किसी तरह की जानकारी नहीं है। संध्या का कहना था कि वह एक बहू है। इसलिए ससुर से उसकी बातचीत कभी कभार ही होती थी। उसका भी एक दायरा था। अगर उसे किसी तरह की बात परिवार के बीच में रखना है तो उसे सास सुरजी देवी का सहारा लेना पड़ता था।
संध्या ने बताया कि पति संदीप मंचों पर कविता पाठ करता था। खुद भी कवि सम्मेलन कराते थे। इसके लिए ससुर रावलमल जैन मणि उसको रुपए देते थे। इस बात पर दोनों के बीच कभी विवाद होते नहीं देखा। ट्रस्ट में संदीप मेंबर बना था। इसकी जानकारी उसे थी, लेकिन संदीप का ट्रस्ट में रुझान कम था। नगपुरा तीर्थ में होने वाले आयोजनों में वह जाता था और धार्मिक कार्यों में हिस्सा भी लेता था।
संदीप कर्ज में डूबा हुआ है इसकी जानकारी उसे नहीं। वह घर पर संचालित दुकान समता साड़ी सेंटर की देखरेख अवश्य करती है। घर बैंक में गिरवी है यह बात भी संदीप के पत्र को पढऩे से मालूम हुई। संध्या का कहना था कि शीतकालीन अवकाश में वह दल्लीराजहरा (मायका) हर साल जाती है। इसमें पूरे परिवार की सहमति होती थी। इस बात से संध्या ने इनकार किया कि वह संदीप के दबाव में आकर दल्लीराजहरा गई है।