दुर्ग

तगड़े इम्तिहान के बाद एक दिन की कलेक्टर बनी वंदना ने की जनदर्शन से काम की शुरुआत

जिला कलेक्टोरेट में मंगलवार का दिन अधिकारियों के लिए कुछ अलग सा रहा।
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Jan 09, 2018
patrika

भिलाई. जिला कलेक्टोरेट में मंगलवार का दिन अधिकारियों के लिए कुछ अलग सा रहा। सुबह साढ़े १० बजे कलेक्टर उमेश अग्रवाल के साथ कॉलेज स्टूडेंट वंदना सोनी को देख लोगों को अटपटा जरूर लगा पर जब उन्हें पता चला कि वह एक दिन की शेडो कलेक्टर के रूप में उनके बीच मौजूद है।

मंगलवार के दिन प्रदेश के सभी 27 जिलों में कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया। जहां युवा शेडो कलेक्टर के रूप में एक दिन का कामकाज देख रहे हैं। दुर्ग जिले में वंदना सोनी शेडो कलेक्टर के रूप मे पहुंची और जनदर्शन में लोगों की समस्या को सुना। वंदना को यह मौका कई तगड़े कंपीटिशन के बाद मिला है। प्रदेश के 519 कॉलेजों के 5 लाख युवाओं के बीच चार चरणों में मुकाबला रखा गया था । जिसके अंतिम चरण में 27 युवाओं को यह मौका मिला है।

संभाग में चार जगह बेटियां
रमन सरकार के 14 वर्ष पूरे होने एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में हो रहे इस कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में युवाओं को एक दिन का कलेक्टर बनने का मौका मिला है। इसमें दुर्ग संभाग के पांच में से चार जिले में बेटियों ने कमान संभाली है। दुर्ग में शेडो कलेक्टर के रूप में वंदना सोनी, बालोद में परिणीता भारती, बेमेतरा में दिव्या नायर, राजनांदगांव में प्रतिभा यादव और कवर्धा में अभिषेक पांडेय कलेक्टोरेट में मौजूद हैं।

शेयर करेंगे दिनभर का अनुभव
दिनभर कामकाज देखने के बाद यह सभी युवा 3 मिनट का वीडियो तैयार करेंगे जिसमें उन्हें अपने जिले की ताकत, कमजोरी, काम करने का तरीका आदि को बताना होगा। इसके बाद ही इसमें से बेस्ट का निर्णय जूरी करेगी। इनमें से प्रथम रहने वाले युवा को 51 हजार, द्वितीय को 31 हजार और तृतीय को 21 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।

शंकराचार्य कॉलेज की है स्टूडेंट
शेडो कलेक्टर बनी वंदना सोनी और दिव्या नायर दोनों ही जुनवानी स्थित शंकराचार्च कॉलेज की स्टूडेंट्स है। प्राचार्या डॉ. रक्षा सिंह ने बताया कि वंदना बीएससी माइक्रोबॉयोलाजी फाइनल इयर, दिव्या नायर बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है।

Published on:
09 Jan 2018 01:03 pm