2 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब एक क्लिक में खुलेगी अपराधियों की डिजिटल कुंडली, दुर्ग पुलिस का हाईटेक कदम, बचना होगा मुश्किल…

CG Police High Tech System: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की पुलिस अब अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पूरी तरह तकनीक का सहारा ले रही है।

2 min read
Google source verification
अब एक क्लिक में खुलेगी अपराधियों की डिजिटल कुंडली, दुर्ग पुलिस का हाईटेक कदम, बचना होगा मुश्किल...(photo-AI)

अब एक क्लिक में खुलेगी अपराधियों की डिजिटल कुंडली, दुर्ग पुलिस का हाईटेक कदम, बचना होगा मुश्किल...(photo-AI)

CG Police High Tech System: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की पुलिस अब अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पूरी तरह तकनीक का सहारा ले रही है। हाईटेक पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अब महज एक क्लिक में किसी भी अपराधी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। फिंगरप्रिंट और डिजिटल डेटा के जरिए अपराधियों की पहचान आसान होगी, जिससे अपराध कर बच निकलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।

CG Police High Tech System: हाईटेक पुलिसिंग की नई शुरुआत

दुर्ग पुलिस ने बायोमैट्रिक तकनीक को अपनाते हुए अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ डिजिटल सिस्टम के जरिए अपराधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने अब तक 385 गुंडों और 182 निगरानी बदमाशों के फिंगरप्रिंट को सिस्टम में अपलोड कर लिया है। इन सभी की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जा रही है, जिससे भविष्य में किसी भी अपराध में उनकी संलिप्तता की पहचान तुरंत हो सकेगी।

फिंगरप्रिंट से होगी तुरंत पहचान

अब अगर किसी घटना स्थल से फिंगरप्रिंट मिलता है, तो उसे डेटाबेस से मिलाकर आरोपी की पहचान की जा सकेगी। इसके अलावा, गिरफ्तारी के समय भी फिंगरप्रिंट मिलान से तुरंत पुष्टि हो जाएगी कि आरोपी पहले से किसी अपराध में शामिल रहा है या नहीं।

ऑनलाइन ‘डिजिटल कुंडली’ तैयार

पुलिस प्रत्येक अपराधी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर रही है, जिसमें उसकी आपराधिक गतिविधियों का पूरा ब्योरा शामिल रहेगा। यह डेटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, जिससे जांच प्रक्रिया तेज और सटीक होगी। डीआईजी एवं दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, आजकल अपराधी भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं और इससे छिपने के नए तरीके खोज रहे हैं। ऐसे में पुलिस के लिए जरूरी है कि वह उनसे एक कदम आगे रहकर तकनीक का उपयोग करे।

देश-विदेश में भी पकड़ होगी आसान

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यदि कोई अपराधी देश या विदेश में छिपने की कोशिश भी करता है, तो उसकी पहचान और ट्रैकिंग पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी। डिजिटल फिंगरप्रिंट और ऑनलाइन डाटा के जरिए पुलिस उसे तेजी से चिन्हित कर सकेगी, जिससे कानून से बच निकलना अपराधियों के लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा।

अपराध नियंत्रण में मिलेगी मजबूती

इस हाईटेक पहल से न केवल अपराधियों की पहचान आसान होगी, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी बड़ी मदद मिलेगी। पुलिस को जांच में तेजी और सटीकता मिलेगी, जिससे मामलों का जल्द खुलासा संभव होगा। दुर्ग पुलिस की यह पहल भविष्य की स्मार्ट पुलिसिंग का उदाहरण मानी जा रही है। डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग से आने वाले समय में अपराध पर नियंत्रण और भी मजबूत होने की उम्मीद है।