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जनगणना vs पढ़ाई! शिक्षकों की ड्यूटी से पढ़ाई पर पड़ रहा असर, स्कूलों में तालाबंदी जैसे हालात…

Teachers protest in CG: शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाए जाने से स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई प्रभावित होने लगी है। इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने नाराजगी जताई है।

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जनगणना vs पढ़ाई! शिक्षकों की ड्यूटी से पढ़ाई पर पड़ रहा असर, स्कूलों में तालाबंदी जैसे हालात(photo-patrika)

जनगणना vs पढ़ाई! शिक्षकों की ड्यूटी से पढ़ाई पर पड़ रहा असर, स्कूलों में तालाबंदी जैसे हालात(photo-patrika)

Teachers protest in CG: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाए जाने से स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई प्रभावित होने लगी है। इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने नाराजगी जताई है। फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिलाधीश के नाम एडीएम वीरेन्द्र सिंह और एसडीएम उत्तम ध्रुव को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग की।

Teachers protest in CG: जनगणना ड्यूटी से स्कूलों पर असर

फेडरेशन का कहना है कि शिक्षकों को घर-घर जाकर जनगणना सर्वे का कार्य सौंपा गया है, जिससे स्कूलों में नियमित पढ़ाई बाधित हो रही है। कई जगहों पर कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं और बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। शिक्षकों ने बताया कि वर्तमान समय में परीक्षा परिणाम तैयार करने का काम भी चल रहा है।

साथ ही कमजोर छात्रों को अतिरिक्त पढ़ाई कराकर उन्हें बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। ऐसे में जनगणना जैसे कार्यों का दबाव बढ़ने से वे अपनी मूल जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा पा रहे हैं।

लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगने से बढ़ी परेशानी

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों को लगातार बीएलओ ड्यूटी, सर्वेक्षण, ऑनलाइन डाटा एंट्री और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाया जा रहा है। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आ रही है। शिक्षकों का मानना है कि अगर यही स्थिति जारी रही, तो सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर और कमजोर हो सकता है। इससे खासकर ग्रामीण और गरीब वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर ज्यादा असर पड़ेगा।

प्रशासन से की गई मांग

फेडरेशन ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए, ताकि वे पूरी तरह से पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा गया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए शिक्षकों का स्कूलों में रहना जरूरी है। फेडरेशन को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। इससे स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था सुचारू रूप से चल सकेगी।