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फर्जी दस्तावेजों का खेल उजागर! RTE के तहत 23 बच्चों का एडमिशन निरस्त, शिकायत के बाद हुई जांच

RTE Admission 2026: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश लेने वाले 23 बच्चों का एडमिशन निरस्त कर दिया गया है। ये सभी प्रवेश शैक्षणिक सत्र 2025-26 में केजी-1 कक्षा में हुए थे।

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फर्जी दस्तावेजों का खेल उजागर! RTE के तहत 23 बच्चों का एडमिशन निरस्त, शिकायत के बाद हुई जांच(photo-patrika)

फर्जी दस्तावेजों का खेल उजागर! RTE के तहत 23 बच्चों का एडमिशन निरस्त, शिकायत के बाद हुई जांच(photo-patrika)

RTE Admission 2026: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में हुए प्रवेश को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश लेने वाले 23 बच्चों का एडमिशन निरस्त कर दिया गया है। ये सभी प्रवेश शैक्षणिक सत्र 2025-26 में केजी-1 कक्षा में हुए थे। मामले की शिकायत संबंधित नगरीय निकाय और संयुक्त संचालक कार्यालय, शिक्षा संभाग दुर्ग को प्राप्त हुई थी, जिसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू की गई।

RTE Admission 2026: जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में कार्रवाई

जांच जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा के मार्गदर्शन में कराई गई। दस्तावेजों की गहन जांच के बाद 19 मार्च को 23 बच्चों के प्रवेश निरस्त करने का निर्णय लिया गया। वहीं जांच के दौरान 18 बच्चों के दस्तावेज सही पाए गए, जिनके खिलाफ की गई शिकायत निराधार साबित हुई।

डीपीएस रिसाली में सबसे ज्यादा मामले

जानकारी के अनुसार, निरस्त किए गए प्रवेशों में सबसे अधिक 9 मामले डीपीएस रिसाली से जुड़े हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि कुछ अभिभावक प्रतिष्ठित स्कूलों में प्रवेश के लिए नियमों को दरकिनार करने से भी नहीं चूक रहे हैं।

फर्जी दस्तावेजों का जाल, गिरोह की आशंका

जिले के बड़े निजी स्कूलों में प्रवेश पाने के लिए अभिभावकों द्वारा तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कई मामलों में जरूरी दस्तावेजों में छेड़छाड़ सामने आई है। बीपीएल राशन कार्ड के फर्जी होने के भी कई उदाहरण मिले हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि इस तरह के फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला कोई गिरोह सक्रिय हो सकता है।

बच्चों की पढ़ाई पर असर, विभाग की पहल

सबसे बड़ी चिंता उन बच्चों को लेकर है, जो पूरे साल पढ़ाई करने के बाद अचानक स्कूल से बाहर कर दिए जाते हैं। हालांकि जिला शिक्षा विभाग ऐसे बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्वामी आत्मानंद और अनुदान प्राप्त स्कूलों में प्रवेश का अवसर प्रदान कर रहा है, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

शिक्षा विभाग सख्त, पारदर्शिता पर जोर

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरटीई जैसे संवेदनशील प्रावधानों में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का उद्देश्य पात्र और जरूरतमंद बच्चों को ही इसका लाभ दिलाना है। इसके लिए आगे भी जांच और निगरानी को और सख्त किया जाएगा। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेजों का उपयोग न करें। नियमों का पालन करते हुए ही आवेदन करें, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

पूर्व में 22 बच्चों का प्रवेश रिजेक्ट

जिला शिक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष दिसंबर माह में 13 बच्चों का एडमिशन रिजेक्ट किया गया था। इस आशय का आदेश 2 दिसंबर 2025 को जारी किया गया। इन 13 बच्चों में सर्वाधिक 5 बच्चे माइलस्टोन स्कूल के थे। शेष बच्चों में शंकराचार्य स्कूल हुडको 4, केपीएस नेहरूनगर तथा डीएवी हुडको के 2-2 बच्चे शामिल थे। इसके पहले 12 नवंबर 2025 को 9 बच्चों का एडमिशन निरस्त किया गया था। ये सभी माइलस्टोन स्कूल के बताए गए।