
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के संबोधन में कोरोना संकट से बेहाल इकोनॉमी को सहारा देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के बूस्टर डोज का ऐलान किया। बुधवार को वित्त मंत्री ने आर्थिक पैकेज का रोड मैप बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कोविड-19 को भारत के लिए अवसर बताया है।
वित्त मंत्री का कहना है कि समाज के कई वर्गों से बातचीत कर पैकेज तैयार किया गया है. पैकेज के जरिए ग्रोथ को बढ़ाना है। भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। इसलिए इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान कहा जा रहा है।
Msme सेक्टर को 3 लाख करोड़ का तोहफा-
Msme सेक्टर को 3 लाख करोड़ का बिना गारंटी का लोन दिया जा रह है । ये योजना अक्टूबर से लागू होगी और इसके लिए किसी भी प्रकार की गारंटी की जरूरत नहीं होगी। इससे 45 लाख यूनिट्स को फायदा होगा ।
लॉकडाउन की वजह से संकट में फंसे एमएसएमई ( MSMEs ) के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 2 लाख एमएसएमई को होगा फायदा।
फंड्स ऑफ फंड के माध्यम से सहयोग-
ऐसे उद्यमी जो कोरोना की वजह से बिजनेस में घाटा उठा रहे हैं या खुद को सपोर्ट करने में सक्षम नही है ऐसे उद्यमियों को 10 हजार करोड़ के फंड्स ऑफ फंड्स के माध्यम से सहयोग दिया जाएगा।
बढ़ाया गया msme का दायरा-
सूक्ष्म, लघु और कुटीर उद्योग ( MSMEs ) के लिए इस घोषणा के बाद वित्त मंत्री ( finance minister ) ने स्पष्ट किया कि अब msme की परिभाषा को बदला जा रहा है। नई परिभाषा के अनुसार 25 लाख से 1 करोड़ का निवेश करने वाले उद्योग-धंधो को सूक्ष्म उद्योग की श्रेणी में रखा जाएगा । इसके साथ ही लगु उद्योग धंधों के लिए निवेश राशि ( investment ) को 1 करोड़ और टर्नओवर सीमा 5 करोड़ कर दी गई है। ये सीमा वस्तु और सेवा हर प्रकार के उद्योग में लागू होगी । वहीं मीडियम के लिए निवेश की सीमा 20 करोड़ रुपये तक होगी
आपको बता दें कि इकोनॉमी में अहम भूमिका निभाने वाले एमएसएमई सेक्टर यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग ( msme sector ) सेक्टर इस पैकेज की उम्मीद लंबे समय से कर रहा था । खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस सेक्टर को राहत देने की सलाह दी थी ।