सरकार ने अमरनाथ आैर वैष्णों देवी की यात्राआें पर मिलने वाली सुविधाआें पर जीएसटी लगाने जा रही है।
नर्इ दिल्ली। साल में एक बार वैष्णों देवी जाने वाले भक्तों आैर अमरनाथ की यात्रा करने के इच्छुक भक्तों को लिए बुरी खबर है। अब भक्तों को इन यात्राआें पर जाने के लिए जीएसटी देनी होगी। यह देश के लोगों के लिए सरकार की आेर से बड़ा झटका है। वास्तव में सरकार ने श्रीअमरनाथजी श्राइन बोर्ड और श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की उस अपील को खारिज कर दिया है जिसमें दोनों ने उनकी रजिस्ट्रेशन फीस, पालकी, पोनी जैसी सभी सुविधाओं को जीएसटी मुक्त करने को कहा था। साथ उन्होंने मांग की थी कि यात्रा की किसी भी सर्विस पर टैक्स न लगाया जाए। जिसे सरकार ने मानने से इंकार कर दिया है।
इन सर्विस पर मिली है छूट
दोनों कमेटियों के पदाधिकारियों की मानें तो दोनों यात्राआें मिलनी वाली किसी सर्विस पर जीएसटी नहीं लगाया जाता था। जिसमें प्रसाद बेचने के अलावा एक हजार रुपए तक के कमरों को किराए पर देने पर जीएसटी नहीं लगाया जाता था। जानकारों के अनुसार यह सब चैरिटेबल बॉडी के अंतर्गत है। साथ ही बैटरी वाले रिक्शा और कार पर भी छूट मिलती है। वहीं दूसरी आेर तीर्थयात्रा के लिए एसी ट्रेन से यात्रा करने पर जीएसटी लगाया जाता है। साथ ही हेलिकॉप्टर राइड, पालकी और पोनी से यात्रा करने पर 18 फीसदी तक का जीएसटी लिया जाता है।
अब रजिस्ट्रेशन फीस पर भी जीएसटी
अब तमाम सर्विस के अलावा सरकार रजिस्ट्रेशन फीस पर भी जीएसटी लगाने का प्लान बना रही है। सरकार का प्लान है कि लोगों द्वारा किए जाने वाले रजिस्ट्रेशन पर भी कर लगाया जाए। अमरनाथ यात्रा के लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। जिसके लाखों की संख्या में रजिस्ट्रेशन होते हैं। सरकार इन रजिस्ट्रेशन पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने का प्लान बना रही है।
अमरनाथ श्राइन कर रही है विरोध
अमरनाथजी श्राइन बोर्ड इसिा विरोध कर रही है। जिसके लिए अपील तक की गर्इ थी। जिसके सरकार की आेर खारिज कर दिया गया है। अमरनाथ श्राइन का कहना है कि रजिस्ट्रेशन फीस पर 18 फीसदी टैक्स लगाना गलत है। भगवान के दर्शन के लिए लोगों से किसी तरह का कोर्इ कर नहीं वसूला जाना चाहिए। इससे लोगों में नकारात्म्क प्रभाव पड़ेगा।