
नई दिल्ली। भारत को अगले छह महीने तक केंद्रीय बैंक से पैसे लेने की जरूरत नहीं है - ऐसा कहना है वित्त मंत्री अरुण जेटली का। विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार 2019 आम चुनाव से पहले योजनाओं को फंड करने के लिए बैंक रिजर्व तक पहुंच मांग रही थी। शुक्रवार को एक इंटरव्यू के दौरान अरुण जेटली ने कहा कि भारत को केंद्रीय बैंक से पैसे लेने की जरूरत नहीं है।
सरकार rbi की आजादी का सम्मान करती है
आलोचकों ने सरकार पर आरोप लगाए हैं कि वह भारतीय रिजर्व बैंक प्राधिकरण को कमजोर करने की कोशिश रही है, लेकिन जेटली ने कहा कि उनकी सरकार संस्थान की आजादी का सम्मान करती है।
हम आरबीआई की स्वायत्तता का सम्मान करते हैं
जेटली ने कहा कि, ‘हम आरबीआई की स्वायत्तता का सम्मान करते हैं, लेकिन अगर कुछ क्षेत्रों में क्रेडिट की कमी आती है तो उन क्षेत्रों के साथ वैसा ही करेंगे जैसा हम आरबीआई के साथ करते हैं।
कांग्रेस ने लगाया प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप
आगे उन्होंने कहा कि भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आरबीआई द्वारा आयोजित नकदी भंडार पर नजर रखने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है।
इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और कांग्रेस के एक शीर्ष नेता ने ट्वीट कर कहा था कि, भारतीय रिजर्व बैंक पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार दृढ़ है।
जिस बोर्ड में सरकारी उम्मीदवार शामिल हैं, पिछले हफ्ते उस बोर्ड ने एक मीटिंग के दौरान आरबीआई को छोटे व्यवसायों की सहायता करने का सुझाव दिया।