अर्थव्‍यवस्‍था

पीएम मोदी के निशाने पर देश की 2.25 लाख कंपनियां, कहीं आपकी कंपनी तो नहीं शामिल

करीब एक 2.25 लाख कंपनियां पीएम मोदी के निशाने पर हैं को ब्लैक को व्हीइट करने का काम कर रही है।
2 min read
Jun 09, 2018
shell
पीएम मोदी के निशाने पर देश की 2.25 लाख कंपनियां, कहीं आपकी कंपनी तो नहीं शामिल

नर्इ दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी के र्इशारे पर एेसी कंपनियों को निशाने पर लिया जा रहा है जो मात्र कालेधन को सफेद करने का काम करती हैं। एेसी कंपनियों को शेल कंपनी कहा जाता है। एेसे में इन कंपनियों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र की आेर से शिकंजा कस लिया गया है। करीब एक 2.25 लाख कंपनियां पीएम मोदी के निशाने पर हैं को ब्लैक को व्हीइट करने का काम कर रही है। इससे पहले सरकार करीब दो लाख कंपनियों पर ताला लगा चुकी है। आइए आपको भी बताते हैं कि सरकार की आेर से एेसी शेल कंपनियों पर किस तरह की कार्रवार्इ की जा रही है।

करीब 2.25 लाख कंपनियां निशाने पर
केंद्र सरकार वित्‍त वर्ष 2018-19 में शेल कंपनियों खिलाफ अपने अभियान का दूसरा चरण शुरू करेगी । इसके तहत 2.25 लाख ऐसी शेल कंपनियों की पहचान की गई है जिनका रजिस्‍ट्रेशन कैंसिल किया जाना है। माना जा रहा है कि इस कदम से शेल कंपनियों के जरिए काले धन को सफेद करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा लगा सकेगा।

2 लाख का हो चुका है रजिस्‍ट्रेशन रद्द
प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र इससे पहले वित्‍त वर्ष 2017-18 में रजिस्‍ट्रार्स ऑफ कंपनीज (आरओसी) ने शेल कंपनियों की पहचान कर 2,26,166 कंपनियों का रजिस्‍ट्रेशन कैंसिल किया है। शेल कंपनियों के खिलाफ यह कदम कंपनीज एक्‍ट, 2013 के तहत उठाया गया है। इन कंप‍नियों ने लगातार दो या इससे अधिक वित्‍त वर्ष का फाइनेंशियल स्‍टेटमेंट या एनुअल रिटर्न फाइल नहीं किया है।

चलाया जाएगा जागरुकता अभियान
कंपनी मामलों का मंत्रालय जल्‍द ही जागरुकता अभियान शुरू करेगा। इसके तहत लोगों को बताया जाएगा कि वे किस तरह से अपनी निष्क्रिय कंपनी को रजिस्‍ट्रेशन खुद ही रद्द करा सकते हैं। इसके अलावा सभी एजेसियों के बीच डाक्‍युमेंट और इन्‍फार्मेशन साझा करने का तंत्र बनाया गया है। डाक्‍युमेंट साझा करने के बारे में ऑपरेटिंग प्रोसीजर को अंतिम रूप दिया गया है। इसके लिए अपीलेट अथॉरिटी टास्‍क फोर्स है।

Published on:
09 Jun 2018 12:25 pm