कई कंपनि‍यों के कार क्‍लेम के अलग नि‍यम होते हैं, कुछ कंपनियां नुकसान का पूरा रुपया देती हैं तो कुछ 80 फीसदी।
नई दिल्ली। पिछले 15 दिनों से आंधी तुफान की खबरों से पूरा देश घबराया हुआ है। अभी तक 70 से ऊपर लोगों की जान जा चुकी है। कई लोगों के पर्सनल एसेट्स को नुकसान हो चुका है। मौसम विभाग भी लगातार अलर्ट तक जारी कर चुका है। वहीं दूसरी ओर आंधी तुफान की वजह से कई लोगों के पर्सनल व्हीकल को भी नुकसान पहुंचा है। खासकर कारों पर पेड़ और होर्डिंग्स गिरने की खबरें सामने आई हैं। लेकिन आपको इन खबरों से परेशान होने की जरुरत नहीं है। अगर आपकी गाड़ी किसी आंधी में क्षतिग्रस्त हो जाती है या हो चुकी है तो आप भी इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम कर सकते हैं।
कार इंश्योरेंस में होते हैं ये डिजास्टर भी कवर
कार इंश्योरेंस में आपके नियंत्रण के बाहर के एक्सीडेंट जैसे- बिजली कड़कना, भूकंप, बाढ़, तूफान, चक्रवात, आंधी, भू-स्खलन इत्यादि से हुए नुकसान भी शामिल होते हैं। वहीं मानव निर्मित डिजास्टर जैसे- डकैती, चोरी, दंगा, हड़ताल, आतंकवादी गतिविधि, तथा सड़क, रेल या जल परिवहन के समय कोई क्षति भी शामिल होती है।
इस तरह से मिल सकता है क्लेम
- कई कंपनियों के कार क्लेम के अलग नियम होते हैं। कुछ कंपनियां नुकसान का पूरा रुपया देती हैं तो कुछ 80 फीसदी।
- आंधी-तूफान में आपकी कार की बॉडी डैमेज हो गई है तो इसके लिए आपको कंपनी से संपर्क करना होगा। उसके बाद सर्वेयर आकर कार की जानकारी हासिल करेगा। आपकी गाड़ी सर्विस सेंटर में जाएगी, जिसका पूरा खर्चा इंश्योरेंस कंपनी वहन करेगी।
- जानकारों की मानें तो 2013 के बाद कई जगह नियम है कि अगर कोई बड़े लेवल पर डिजास्टर होता है, तो कंपनी बीमा धारकों को तुरंत राहत देने का काम करेंगी।
- पहले कंपनियां इंतजार करती थीं कि नेशनल डिजास्टर वाले मामले में सरकार की ओर से लोगों को मुआवजा मिल जाए।
- वहीं, कंपनियां एक्ट ऑफ गॉड की बात बोलकर बच जाती थीं। जबकि अब ऐसा नहीं है। अब सरकार की ओर से कहा जाता है कि इंश्योरेंस कंपनी तुरंत लोगों को क्लेम का भुगतान करे।