कोरोना की वजह से रूका पड़ा है काम कंपनियों को हो रहा है नुकसान कर्मचारियों को नहीं मिलेगा अप्रेजल
नई दिल्ली: कोरोना की वजह से पूरी दुनिया में काम रुका पड़ा है । हर बदलते दिन के साथ इसका असर कम होने की जगह और बढ़ता जा रहा है। भले ही लॉकडाउन खत्म हो जाए और काम फिर से शुरू कर दिया जाए लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो लॉकडाउन की वजह से जो काम ठप्प हुए हैं उसका असर खत्म होने में सालों लग जाएंगे। विलीज टावर्स वाटसन की ओर से 20 से 31 मार्च के बीच किए गए सर्वे के मुताबिक 57 फीसदी कंपनियों का मानना है कि कोरोना की वजह से उनका कारोबार अगले 6 महीने तक ऐसा ही रहेगा । वहीं 46 फीसदी कंपनियों ने इसका असर एक साल से पहले खत्म न होने की बात कही है। वहीं 19 फीसदी कंपनियों ने अगले दो साल तक नकारात्मक प्रभाव रहने की बात कही है। इस सर्वे में 103 कंपनियों ने भाग लिया था ।
नहीं मिलेगा प्रमोशन- जहां कोरोना की वजह से लोगों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। इस सर्वे में शामिल 77 फीसदी कंपनियों ने कहा कि सैलेरी में कटौती तो नहीं करेगी लेकिन 42 फीसदी कंपनियों ने कहा कि वो इस साल लोगों को वेतन में किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं देंगी। वहीं, 33 फीसदी कंपनियों ने अप्रेजल और बोनस पे-आउट पूर्व योजना के अनुसार देने की बात कही । आपको बत दे कि इस सर्वे में भाग लेने वाली कंपनियों में फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर, आईटी एंड टेलीकॉम, मेन्युफैक्चरिंग, पब्लिक सेक्टर एंड एजुकेशन, होलसेल एंड रिटेल सेक्टर की कंपनियों को शामिल किया गया था।
लॉकडाउन के बाद कर्मचारियों पर होगा विचार-
हालांकि फिलहाल ज्यादातर कंपनियां वर्क फ्राम होम का ऑप्शन अपना रही हैं लेकिन लॉकडाउन के बाद रीडिप्लॉयमेंट, काम के दिनों और घंटों में कमी, नई नौकरियों पर रोक और वेतन में स्वैच्छिक कटौती जैसे विकल्पों का मूल्यांकन करना चाहिए।