
नई दिल्ली। सांख्यिकी डेटा पर चिंता व्यक्त करने वाले 108 अर्थशास्त्रियों को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें से अधिकतर 'आदतन विपरीत सोच के' हैं। वित्त मंत्री की तरफ से यह जवाब ठीक एक दिन बाद आया है जब 131 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने डेटा क्वालिटी को राजनीतिक प्रभाव गलने के आरोप को सामने आकर सिरे से खारिज कर दिया था।
ट्विटर पर वीडियो जारी कर दिया जवाब
वित्त मंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट में कहा, "कुछ दिन पहले ही 108 तथाकथित अर्थशास्त्रियों ने एक बयान जारी कर सांख्यिकी डेटा पर सवाल उठाया था। मैंने उन सभी की बातों को के बारे में जाना और पाया कि इसमें से करीब 70 फीसदी आदतन विपरीत सोच के' हैं। ये सरकार के उन आलोचकों में से है जिन्होंने बीते पांच सालों में सरकार के खिलाफ कई मेमोरेन्डम दाखिल किए हैं। इसमें अधिकतर मेमोरेन्डम राजनीति से प्रेरित हैं और अर्थव्यवस्था से इनका कोई लेना-देना नहीं है।"
क्या था अर्थशास्त्रियों का आरोप
गौरतलब है कि अर्थशास्त्रियों की तरफ से यह लेटर जीडीपी आंकड़ों को रिवाइज करने और एनएसएसओ द्वारा रोजगार डेटा छुपाने के संबंध में थे। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने कहा, "उन्होंने अपने लेटर में जो भी कहा उनमें उनकी तरफ से लगाए गए आरापों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं है। हालांकि वित्त वर्ष 2011-12 के लिए रिवाइज किए गए जीडीपी डेटा के बारे में जानकारी दी गई है। साथ ही एनएसएसओ द्वारा रोजगार डेटा को पब्लिश न किए जाने का जिक्र है।" वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बड़े स्तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कर रही है। ऐसे में रोजगार की कमी को लेकर सरकार के खिलाफ कैंपेन चलाना सही नहीं है।
Read the Latest Business News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले Business News in Hindi की ताज़ा खबरें हिंदी में पत्रिका पर।