वित्त वर्ष 2017-18 के लिए नोटिफाई किए गए इनकम टैक्स फॉर्म में आपको मिले हुए गिफ्ट की भी जानकारी देनी होगी।
नई दिल्ली। 31 जुलार्इ को आर्इटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख है। अगर आपने अभी तक आर्इटीआर दाखिल नहीं किया है तो जल्द से जल्द कर दें। अब जरूरी बात ये कि क्या आपको इस बात की जानकारी है कि इस बार आपको मिले हुए गिफ्ट के बारे में भी सरकार को जानकारी देनी होगी। यह कोर्इ मजाक नहीं है। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए नोटिफाई किए गए इनकम टैक्स फॉर्म में आपको मिले हुए गिफ्ट की भी जानकारी देनी होगी। पिछले साल एेसा कोर्इ नियम नहीं था। लेकिन इस बार आपको एेसा करना होगा। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर किस तरह के गिफ्ट पर आपको सरकार को टैक्स देना होगा।
इन गिफ्ट पर नहीं लगता है टैैक्स
पहले आपको बताते हैं कि किस तरह के गिफ्ट किसी तरह का कोर्इ टैक्स नहीं लिया जाता है। शादी में मिला हुआ गिफ्ट जिसकी कीमत 50,000 रुपए तक हो पर कोर्इ टैक्स नहीं लिया जाता है। वहीं पुस्तैनी विरासत से मिला हुआ गिफ्ट भी टैक्स के दायरे से बाहर आता है। किसी संबंधी से मिला हुआ गिफ्ट अचल संपत्ति के रुप में मिला हुआ गिफ्ट भी टैक्स से बाहर है।
गिफ्ट के रूप में यह सामान है टैक्स में शामिल
आपको इस बात की जानकारी दे देते हैं कि कौन सा सामान टैक्स के अंतर्गत आजा है, गोल्ड के रूप में दिया गिफ्ट, नकदी के रूप में दिया गया गिफ्ट, पुरातत्त्व-संबंधी संग्रह (प्राचीन सामान) आैैर महंगी पेंटिंग्स जैसा सामान भी टैक्स की श्रेणी में आता है। एक्सपर्ट के अनुसार अगर गिफ्ट की वैल्यू 50,000 रुपए है तो उस पर कोई टैक्स देनदारी नहीं बनेगी। ऐसे में अगर आपको मिले गिफ्ट की वैल्यू 75,000 रुपए है तो आपको इस पूरी राशि पर टैक्स अदा करना होगा।
सालाना कमार्इ में जोड़नी होगी गिफ्ट की कीमत
पहले केवल गिफ्ट देने वाले व्यक्ति को उतनी रकम के लिए टैक्स देना पड़ता था जितनी रकम के गिफ्ट उसने पूरे साल के दौरान दिए हैं। अब गिफ्ट लेने वाले व्यक्ति को भी ऐसे गिफ्ट का भुगतान करना होगा, जिसका मूल्य 50000 रुपए से ज्यादा है। करदाता को यह रकम अपनी सालाना कमाई में जोड़नी होगी।