
नर्इ दिल्ली। केंद्र सरकार भारतीय रिजर्व बैंक की अगली बैठक में केंद्रीय बैंक के गवर्नेंस में हुए बदलाव को बारे में चर्चा कर सकती है। एक बिजनेस चैनल से बातचीत में वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने इसके बारे में जानकरी दी। आरबीअार्इ के लिए सरकार की तरफ से नामित सदस्य, गर्ग ने कहा कि बोर्ड को इस बारे में चर्चा करना है कि कुछ बैंकों के कार्यप्रणाली पर नजर बनाए रखने के लिए पैनल का गठन होना चाहिए या नहीं। आरबीआर्इ की अगली बैठक अागामी 14 दिसंबर को होनी है।
अभी भी है आरबीआर्इ व सरकार में मतभेद
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में वित्त मंत्रालय व केंद्रीय बैंक के बीच सरप्लस फंड व फंसे कर्ज के लिए नियमों में छूट को लेकर जैसे कुछ मुद्दों पर मतभेद सुर्खियों में रहा था। एेसे में कयास लगाया जा रहा है कि एक बार फिर वित्त मंत्रालय व केंद्रीय बैंक में टेंशन बढ़ सकती है। हालांकि पिछले सप्ताह हुर्इ बैठक में इन मामलों को सुलझने की खबरें आर्इं थी। पिछली बैठक में आरबीआर्इ ने कैपिटल फंड शेयर करने के लिए सहमत हो गया था। लेकिन गर्ग के बयान से पता चलता है कि मंत्रालय व केंद्रीय बैंक की स्थिति अभी भी बनी हुर्इ है।
गर्ग ने आैर क्या कहा
गर्ग ने कहा, "हमें अहम मुद्दों पर चर्चा करना होगा, उनको नए नजरिए से देखना होगा।" उन्होंने आगे कहा कि बोर्ड गवर्नेंस स्ट्रक्चर में एेसे बदलाव नहीं होने चाहिए जिससे आरबीअार्इ के पावर को कंट्रोल किया जा सके। इसके पहले बलूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि सरकार कुछ प्रस्ताव लाने वाली है जिससे केंद्रीय बैंक को नजदीक से सुपरवाइज किया जा सके। आरबीआर्इ बोर्ड नियामक के लिए एक एडवाइजरी बाॅडी है। इसका अंतिम फैसला गर्वनर उर्जित पटेल व उनके सहकर्मियों पर निर्भर करता है।