सरकार जल्द ला सकती है Construction Workers, Labours और प्रवासी मजदूरों के लिए Rental Housing Scheme किफायती Rental Housing Scheme के तहत एक से तीन हजार रुपये प्रति महीने के किराए पर मिलेगा घर
नई दिल्ली। अगर आपको एक ऐसा घर मिले, जिसका किराया प्रति माह एक रुपए हो तो कैसा रहेगा? जी हां, सरकार जल्द ही रेंटल हाउसिंग स्कीम ( Rental Housing Scheme ) लेकर आ रही है। जिसका फायदा कंस्ट्रक्शन वर्कर्स ( Construction Workers ), लेबर्स ( Labours ) और प्रवासी मजदूर ( Migrant Workers ) जैसे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और स्टूडेंट्स को मिलेगा। इस स्कीम के तहत लोगों को एक हजार रुपए से लेकर 1 हजार रुपए तक किराया देना होगा। हाउसिंग मिनिस्ट्री ( Housing Ministry ) की ओर से इस पूरी स्कीम की अनुमानित लागत 700 करोड़ रुपए के आसपास लगाई है। आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Finance Minister Nirmala Sitharaman ) ने 14 मई को इस स्कीम का ऐलान किया था।
इन घरों का होगा इस्तेमाल
- सरकार जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूवल मिशन और राजीव आवास योजना के खाली पड़े 1 लाख मकानों का इस्तेमाल करेगी।
- मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यूपीए सरकार इस किफायती रेंटल हाउसिंग स्कीम की योजना लाई थी।
- मंत्रालय विभिन्न कैटेगरी के लिए किराया 1,000 रुपए से लेकर 3,000 रुपए प्रति महीने तक तय करेगा।
- कंस्ट्रक्शन वर्कस, लेबर व असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले अन्य लोगों मकान दिया जाएगा।
- स्टूडेंट्स भी इस स्कीम के तहत कम दर पर रहने के लिए घर ले सकेंगे।
- रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय की ओर से इन कैटेगरी के लिए योग्यत पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
हाउसिंग मिनिस्ट्री ने दी मंजूरी
- रेंटल हाउसिंग स्कीम के लिए कैबिनेट नोट तैयार कर हाउसिंग मिनिस्ट्री की मंजूरी ले ली गई है।
- इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।
- इस स्कीम के तहत कंपनियों को अपनी जमीन पर रेंटल हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए इंसेंटिव्स दिया जाएगा।
- मीडिया रिपोर्ट के अलुसरर रेंट हाउसिंग स्कीम के तहत पीपीपी मॉडल पर रेंटल हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे।
-वायबलीटी गैप फंडिंग के तहत भी प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे।
- इसके लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत फंड मुहैया कराया जा सकता है।
- फस्र्ट फेज में अलग अलग शहरों में करीब 75000 यूनिट बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।