नकद के बजाय डिजिटल भुगतान करने वालों को सरकार तुरंत ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में छूट देने की तैयारी कर रही है। यह बात वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में एक प्रश्न का लिखित उत्तर देकर बताई है।
नई दिल्ली। नकद के बजाय डिजिटल भुगतान करने वालों को सरकार तुरंत ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में छूट देने की तैयारी कर रही है। यह बात वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में एक प्रश्न का लिखित उत्तर देकर बताई है। शनिवार को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में छोटे डिजिटल पेमेंट पर भी तुरंत छूट का फैसला हो सकता है।
संसद में पूछा जाएगा सवाल
सांसद भरत सिंह के सवाल के जवाब में गोयल ने बताया कि डिजिटल पेमेंट में तेजी लाने के लिए भुगतान किए जाने पर जीएसटी से छूट देने के प्रस्ताव को परिषद के समक्ष रखा गया था। इसके बाद जीएसटी परिषद ने मंत्री समूह का गठन किया था। प्रस्ताव है कि छोटे डिजिटल भुगतान पर भी 2 फीसदी की छूट दी जाए और इसकी सीमा 100 रुपये तक हो। एक अधिकारी ने बताया कि भुगतान दो बार में किया जाएगा। पहली बार स्वाइप करने पर मूल भुगतान (बेसिक पेमेंट) होगा और कार्ड को दूसरी बार स्वाइप करके टैक्स काटा जाएगा।
तुरंत खाते में जाएगा रुपया
अधिकारी ने बताया कि कर काटने के बाद ग्राहक को तुरंत ही कैशबैक दिया जाएगा, जो सीधा उसके खाते में चला जाएगा। यह पेशकश केवल उपभोक्ताओं के लिए होगी और उन सेवाओं तथा सामान पर होगी जिन पर कर की दर 3 फीसदी या उससे अधिक है। हालांकि पिछले महीने जीएसटी की अधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष सुशील मोदी ने कहा था कि जीएसटी के कर संग्रह में स्थायित्व आने के बाद ही डिजिटल पेमेंट पर छूट के बारे में फैसला किया जाएगा।
बैठक में इन बातों पर हो सकता है विचार
- बिस्किट, चावल, बर्तन, भुना चना, दलिया पर जीएसटी में कमी
- डीलरों को रिटर्न फाइल करने तक एंट्री में बदलाव कर सकने की सुविधा
- सेवाओं को कंपोजिशन स्कीम के तहत लाया जाना
- जॉबवर्क को जीएसटी के न्यूनतम 5 फीसदी के स्लैब में डालना
- अग्रिम कर भुगतान पर जीएसटी की दरें
- सभी खातों से क्रॉस पेमेंट की सुविधा देना, ताकि सीजीएसटी का इनपुट टैक्स क्रेडिट एसजीएसटी में भी इस्तेमाल हो सके।