
नर्इ दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 30वीं बैठक शुक्रवार को होने वाली है। जीएसटी परिषद की इस बैठक में केरल बाढ़ में हुए नुकसानों की भरपार्इ करने के लिए अलग सेस लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस प्रस्ताव को लेकर इन सभी बातों पर चर्चा होगी की क्या ये सेस कुछ वस्तुआें पर लगाया जाए या फिर जीएसटी के दायरे में आने वाली सभी वस्तुआें पर। बैठक में चर्चा इस बात पर भी होगी कि क्या इस सेस को राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) के तहत केवल केरल में ही लागू किया जाएग या देश के दूसरे राज्यों में भी लागू किया जाएगा। साथ ही, अग्रिम प्राधिकरण के कुछ फैसलाें के संबंध में राज्यों के कुछ प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
आ सकती हैं कर्इ तकनीकी अड़चनें
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "जीएसटी परिषद की इस बैठक में प्राकृतिक आपदा में अलग से सेस लगाने को लेकर सभी विकल्पों पर स्वतंत्र रूप से चर्चा होगी। हालांकि इस बात की कम संभावना है कि सेस लगाने को लेकर अंतिम फैसला एक ही बैठक में ही पूरी हाे जाए। क्योंकि उन विकल्पों में से एक ये भी है कि नियमों में संशाेधन करना पड़े जिसके लिए समय लग सकता है।" अधिकारी ने केरल आपदा को देखते हुए सेस लगाने को लेकर कहा कि एसजीएसटी के तहत सेस लागू करने के लिए जीएसटीएन के तहत सभी रिटर्न साॅफ्टवेयर्स में भी बदलाव करने होंगे। इस बात को लेकर भी चिंता है कि कहीं ग्राहक सामानों को खरीदने के लिए तमिलनाडु एवं कर्नाटक जैसे पड़ोसी राज्यों के तरफ ने रूख कर लें। ये मामला खासकर उन सामानों को लेकर हो सकता है जिन पर अधिक जीएसटी लगता है।
अधिकारी ने बताया कि इस बात को लेकर भी चिंता है कि यदि केरल में एसजीएसटी के तहत सेस लागू किया जाता है तो केरल में सामान खरीदकर दूसरे राज्यों में बेचने वाले व्यापारियों के लिए भी परेशानी खड़ी हो जाएगी। क्योंकि एेसे में उनके खरीद पर देय सेस भी एक्सपोर्ट होगा आैर अभी तक ये साफ नहीं है कि इसे कैसे रिफंड किया जाएगा। एक दूसरा विकल्प ये है कि एक तय समय के लिए पूरे देश में सभी सामानों पर सेस लगाया जाए। लेकिन एेसे में कर्इ राज्यों में शुगर सेस पहले से लगने के कारण दिक्कतें आ सकती हैं। यदि किसी सूरत में इस विकल्प को भी चुना जाता है तो भी नियमों में संशोधन करना होगा।