अर्थव्‍यवस्‍था

GST को लेकर बड़ा खुलासा, एक साल में सरकार को लगा 3026 करोड़ रुपये चूना

शुक्ला ने जानकारी दी की पिछले एक साल में इनपुट टैक्स क्रेडिट आैर नाॅन पेमेंट टैक्स के नाम कारोबारियों ने सरकार को 3,026 करोड़ रुपये का चुना लगाया है।

2 min read
GST को लेकर बड़ा खुलासा, एक साल में सरकार को लगा 3026 करोड़ रुपये चूना

नर्इ दिल्ली। पिछले साल 1 जुलार्इ काे देशभर में 'एक देश एक कर' के उद्देश्य से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किया था। जीएसटी लागू होने के एक साल के अंदर एक तरफ जहां सरकार का खजाना झमाझम भरा है वहीं दूसरी तरफ टैक्स चोरी भी जमकर हुर्इ है। मंगलवार को एक लिखित जवाब में शिव प्रताप शुक्ला ने जानकारी दी की बीते एक साल में करीब 3,026 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी हुर्इ है। शुक्ला ने जानकारी दी की पिछले एक साल में इनपुट टैक्स क्रेडिट आैर नाॅन पेमेंट टैक्स के नाम कारोबारियों ने सरकार को 3,026 करोड़ रुपये का चुना लगाया है। शुक्ला ने बताया कि जुलार्इ 2017 से लेकर जून 2018 के बीच कुल 1,205 केस एेसे हैं जिसमें 3,026.55 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी हुर्इ है।


3.67 फीसदी टैक्सपेयर्स ने भरा 80 फीसदी टैक्स
शुक्ला ने राज्य सभा को एक दूसरे जवाब में बताया कि इस साल मर्इ आैर जून माह में ही 487 केस में कुल 1,320 करोड़ रुपये की धांधली पकड़ी गर्इ है। बता दें कि केवल 3.67 फीसदी टैक्सपेयर्स ने कुल 79.52 फीसदी टैक्स भरा है। वहीं 500 करोड़ रुपये से अधिक टर्नआेवर वाले व्यापार ने कुल 79.53 फीसदी टैैक्स भरा है। सरकार इनकम टैक्स अनुपालन के लिए आैर कर्इ अहम कदम उठाने जा रही है। इसमें सभी कैटेगरी के टैक्सपेयर्स भी शामिल हैं।


3,635 किलो सोना भी हुआ जब्त
एक आैर जवाब में मंत्री ने बताया की वस्तु एवं सेवा कर के लागू होने के बाद से करीब 1,078.71 करोड़ रुपये कीमत के 3,634.54 किलो सोना भी जब्त किया गया है। ये भी पिछले एक साल यानी 1 जुलार्इ 2017 के बाद का है। सभी निदेशकों / क्षेत्र संरचनाओं को सोने की तस्करी को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है। इन्हें दिए गए निर्देश में कहा गया है कि सोने की तस्करी को विफल करने के लिए अौर उनकी पहचान करने के लिए उचित जांज की जाएं। जरूरत पड़ने पर उनपर सख्त से सख्त कदम उठाएं गए हैं।

ये भी पढ़ें

जांच एजेंसियों के सामने नतमस्तक हुए भगौड़े नीरव मोदी आैर मेहुल चौकसी
Published on:
01 Aug 2018 11:32 am
Also Read
View All