
नर्इ दिल्ली।अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानि आर्इएमएफ ने दुनिया की सभी अर्थव्यवस्थाआें को चेतावनी देते हुए कहा है कि आर्थिक वृद्घि कम रहने के कारण उठने वाले बवंडर से सभी सावधान रहें। आर्इएमएफ ने कहा कि सभी अर्थव्यवस्थाआें को इस बवंडर का सामना करना होगा। इससे कोर्इ अछूता नहीं रहेगा। आर्इएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टीन लगार्ड विश्व सरकार शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया एक एेसी अर्थव्यवस्था का सामना कर रही है जिसकी रफ्तार उम्मीद से ज्यादा कम है।
ये हैं सबसे बड़े कारण
आर्इएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लगार्ड ने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था के कम होने के कर्इ कारण हैं। जिसमें से जोखिमों में व्यापारिक तनाव और शुल्क बढ़ना, राजकोषीय स्थिति में सख्ती, ब्रेक्जिट को लेकर अनिश्चितता और चीन की अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने की रफ्तार तेज होना प्रमुख है। उन्होंने कहा कि विश्व की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं अमरीका और चीन के बीच जारी ट्रेड वाॅर का ग्लोबल इंपैक्ट दिखने लगा है।
संरक्षणवाद से बचने का दिया सुझाव
क्रिस्टीन लगार्ड ने सरकारों को संरक्षणवाद से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि हम सभी को कोई अंदाजा नहीं है कि यह किस तरह समाप्त होने वाला है और क्या यह व्यापार, भरोसा और बाजार पर असर दिखाने की शुरुआत कर चुका है। लगार्ड ने कर्ज की बढ़ती लागत को भी जोखिमों भरा बताया है। उन्होंने कहा, 'जब इतने सारे बादल छाये हों तो अंधड़ शुरू होने के लिए बिजली की एक चमक काफी है। आपको बता दें कि आर्इएमएफ ने पिछले महीने ही इस साल की वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर का पूर्वानुमान 3.7 फीसदी से 3.5 फीसदी कर दिया था।