आईएमएफ की रिपोर्ट ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक, अप्रैल 2018’ में कहा है कि देश के जीडीपी पिछले वित्त वर्ष के 6.7 फीसदी से बढ़कर 7.4 फीसदी पर पहुंच जाएगी।
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 7.4 फीसदी पर स्थिर रखा है और अगले वित्त वर्ष में इसके बढ़कर 8.2 प्रतिशत पर पहुँच जाने का अनुमान व्यक्त किया है। इससे पहले विश्व बैंक ने सोमवार को जारी अनुमान में चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की विकास दर 7.3 फीसदी और अगले वित्त वर्ष के लिए 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी 05 अप्रैल को जारी मौद्रिक नीति समीक्षा बयान में कहा था कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 फीसदी पर पहुंच सकती है।
कुछ ऐसी रहेगी भारत की जीडीपी
आईएमएफ की मंगलवार को यहाँ जारी रिपोर्ट ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक, अप्रैल 2018’ में कहा गया है कि देश के जीडीपी की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष के 6.7 फीसदी से बढ़कर चालू वित्त वर्ष में 7.4 फीसदी पर पहुंच जाएगी। अगले वित्त वर्ष में इसके 7.8 फीसदी और वर्ष 2023 में 8.2 फीसदी पर रहने का अनुमान है। उसने वर्ष 2018 में औसत खुदरा महँगाई दर 5 फीसदी पर रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
वैश्विक जीडीपी के बेहतर रहने के संकेत
आईएमएफ ने इस साल वैश्विक जीडीपी में भी सुधार का अनुमान व्यक्त किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 और 2019 में वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर 3.9 फीसदी रहेगी। पिछले साल यह 3.8 फीसदी रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक निवेश और व्यापार के ग्राफ का ऊपर की ओर बढऩा वर्ष 2017 में भी जारी रहा। पिछले साल वैश्विक जीडीपी की वृद्धि दर 3.8 फीसदी रही जो वर्ष 2011 के बाद सर्वाधिक है। वित्तीय परिस्थितियों के अब भी सकारात्मक बने रहने से वर्ष 2018 और 2019 में जीडीपी विकास दर 3.9 फीसदी रहने की उम्मीद है।
इन देशों की भी मजबूत रहेगी जीडीपी
वैश्विक संस्था ने कहा है कि उभरती हुई और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में औसत जीडीपी वृद्धि दर में मजबूती का क्रम जारी रहेगा। वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर में दो साल के बाद गिरावट की आशंका है। वर्ष 2023 में वैश्विक विकास दर 3.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है।