आपको कुछ ऐसे बड़ें घोटालों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने देश की इकोनॉमी को झकझोर रख दिया है।
नई दिल्ली. देश की आजादी के 70 साल पूरे हो चुके हैं। इन 70 सालों में देश ने जहां दुनिया को अपनी ताकत दिखाई वहीं, ऐसे दाग भी लगे जो सोचने को मजबूर करता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। देश की आजादी से लेकर अब तक घोटालों की लंबी कहानी है। लेकिन आपको कुछ ऐसे बड़ें घोटालों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने देश की इकोनॉमी को झकझोर रख दिया है। इन घोटाले से देश को एक दो करोड़ नहीं बल्कि 6.66 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। पैसो के लिहाज से देखे तो अकेले केवल कोयला घोटाले ने इकोनॉमी को 1.86 लाख करोड़ का नुकसान कराया। आइए जानते हैं इन बड़े घोटाले से कैसे इकोनॉमी को इतना बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
कोयला घोटाला
रकम - 1.86 लाख करोड़
कोयला घोटाले को देश कभी नहीं भूल सकता। इसे आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला कहा जाए तो कोई गलती नहीं होगी। कोलगेट नाम से जाने वाले इस घोटाले में कोयले का गलत तरीके से आवंटन हुआ था। बिना किसी बोली-प्रक्रिया के कोयले के ब्लॉक की नीलामी की गई जिससे 1.86 लाख करोड़ का नुक्सान हुआ। मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के समय यह घोटाला हुआ था।
2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला
रकम - 1.76 लाख करोड़
कोयला घोटाले के बाद 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला ने देश की इकोनॉमी को बड़ा नुकसान पहुंचाया इस घोटाले में यूनिफाइड एक्सेस सर्विस लाइसेंस का आबंटन हुआ था। इस घोटाले से 1.76 लाख करोड़ का नुकसान हुआ बताया जाता है। 2जी घोटाला कोयला घोटाले से 5 वर्ष पहले हुआ था जब भारत मंदी के दौर से गुजर रहा था। अब भी इस घोटाले को ले कर कई लोगों के ऊपर अदालती कार्यवाही चल रही है।
वक्फ बोर्ड लैंड घोटाला
रकम - 1.5 से 2 लाख करोड़
कर्नाटक की वक्फ बोर्ड के अधीन जमीन को गलत तरीके से आवंटन किया करके ये घोटाला किया गया। वक्फ बोर्ड एक मुस्लिम चैरिटेबल ट्रस्ट है जो गरीब मुसलमानों की मदद के लिए बनी थी। एक रिपोर्ट में पता चला है कि लगभग 50 फीसद जमीन गलत तरीके से सरकारी काम करने वालों ने ले ली। इससे से 1.5 से 2 लाख करोड़ का नुक्सान हुआ।
कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला
रकम - 70 हजार करोड़
कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला भारत के इतिहास में एक और बड़ा घोटाला था। अंदाजा था कि 70,000 करोड़ कॉमनवेल्थ की गेम्स में लगना था। लेकिन इसका 50 फीसद ही खेलों और उससे सम्बंधित गतिविधिओं में खर्च हुआ। यह घोटाला एक तरह की सीधी लूट थी। पैसा उन लोगों को दिया गया जो असल में थे ही नहीं। मशीनों को तय मूल्यों से दोगुनी कीमत में खरीदी दिखाया गया।
तेलगी स्टैंप घोटाला
रकम - 20,000 करोड़
तेलगी घोटाले में वह सब कुछ था जो इसको सबसे अलग बनाता है। अब्दुल करीम तेलगी नाम के शख्स ने नकली टिकट पेपर बनाने में महारत हासिल की थी। इसने नकली स्टाम्प पेपर को बैंकों को और कई संस्थाओं को बेचा। उसकी नकली स्टाम्प पेपर्स का कारोबार भारत के 12 राज्यों में फैला दिया था। आकलन के अनुसार नकली स्टैम्प्स की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को 20,000 करोड़ का नुक्सान हुआ।
सत्यम घोटाला
रकम - 14000 करोड़
सत्यम घोटाला भारत के कॉर्पोरेट्स जगत में सबसे बड़ा घोटाला था जिसमें 14000 करोड़ का नुकसान हुआ। सत्यम के चेयरमैन रामालिंगा राजू ने सब को अंधेरे में रखा। इस घोटाले ने उन निवेशकों को हिला के रख दिया जिन्होंने सत्यम कम्पनी में निवेश किया था।