रेलवे ने अलग-अलग 160 प्रोजेक्ट्स में करीब 9 लाख मजदूरों को काम देने ( Migrant Labour Will Work With Railway ) का निश्चय किया है। Garib Kalyan Rojgar Abhiyan के तहत दिया जा रहा है काम
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ( Central Govt ) द्वारा प्रवासी श्रमिकों को काम देने के लिए गरीब कल्याण रोजगार अभियान ( Garib Kalyan Rojgar Abhiyan ) की शुरूआत की गई है। इस रोजगार अभियान के तहत रेलवे भी अपने विभिन्न प्रोजेक्ट्स के माध्यम से इन मजदूरों को रोजगार ( EMPLOYMENT For MIGRANT LABOUR ) देने वाला है।
9 लाख मजदूरों को देगा काम- रेलवे ने अलग-अलग 160 प्रोजेक्ट्स में करीब 9 लाख मजदूरों को काम देने ( Migrant Labour Will Work With Railway ) का निश्चय किया है। रेलवे की ओर से इन 160 प्रोजेक्टों में 20 जून से 31 अक्टूबर तक 1888 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे । भारतीय रेल और मनरेगा योजना ( MNREGA scheme ) की मदद से मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थानीय प्रशासन और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ( South East Central Railway ) ने मिल कर रहा और उमरिया स्टेशनो के बीच मनरेगा के तहत बड़ी संख्या में श्रमिकों को काम दिया है। तो वहीं कर्नाटक के गुंटकल डिवीजन में Matamari स्टेशन पर बारिश के पानी के संरक्षण के लिए Rain water Harvesting के लिए गड्ढे खोदने का काम मनरेगा के तहत दिया गया है। बताया जा रहा है कि सरकार Rain water Harvesting के लिए 1 करोड़ रूपए खर्च करने वाली है।
गरीब कल्याण रोजगार अभियान ( Garib Kalyan Rojgar Abhiyan ) की शुरूआत मोदी सरकार ( MODI GOVT ) द्वारा 20 जून को की गई थी । इस अभियान के तहत 6 राज्यों में 116 जिलों के प्रवासी श्रमिकों ( MIGRANT WORKERS ) को उनकी स्किल के हिसाब 125 दिनों तक काम दिया जाएगा और उनकी मजदूरी भी 202 रुपए प्रतिदिन होगी । इस योजना पर 50 हजार करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
दरअसल कोरोना महामारी ( Corona Pandemic ) के चलते लाखों करोड़ों श्रमिकों को रोजी-रोटी बंद हो जाने की वजह से उन्हे घर वापसी के लिए मजबूर होना पड़ा। जिसके चलते इन मजदूरों के लिए रोजगार एक बड़ी समस्या बन गया ।सरकार इसी समस्या को खत्म करने के लिए रोजगार अभियान ( Poor welfare employment Campaign ) चला रही है ताकि मजदूरों को काम की दिक्कत न हो।