पूरे वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक विकास दर 6.9 फीसदी रह सकती है। सीएसओ अगले सप्ताह जारी कर सकता है आंकड़ें।
नई दिल्ली। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के हालिया इकॉनोमिक आउटलुक सर्वे में चालू वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर छह फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। सर्वे के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक विकास दर 6.9 फीसदी रह सकती है।
अगले सप्ताह जारी हो सकते है आंकड़ें
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़े अगले सप्ताह जारी किए जा सकते हैं। फिक्की ने कहा कि कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन, एमएसएमई की मजबूती और बाजार में सुधार लाने के लिए उठाए गए कदम अर्थव्यवस्था को सुस्ती के दौर से उबारने में अहमियत रखते हैं।
किस दौरान करवाया गया यह सर्वेक्षण
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी विकास दर का सालाना माध्य 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है, इसमें न्यूनतम और अधिकतम अनुमान क्रमश : 6.7 फीसदी और 7.2 फीसदी रह सकते हैं। सर्वे के अनुसार, कृषि और सहायक कार्यकलापों के क्षेत्र की आर्थिक विकास दर 2019-20 में 2.2 फीसदी रह सकती है जबकि उद्योग और सेवा क्षेत्रों की विकास दर क्रमश: 6.9 फीसदी और आठ फीसदी रह सकती हैं। यह सर्वेक्षण जून-जुलाई 2019 के दौरान करवाया गया था जिसमें उद्योग, बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र के अर्थशास्त्री शामिल थे।
आर्थिक हालत पर वित्त मंत्री का क्या कहना
गौरतलब है कि देश के आर्थिक हालात को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गत शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कई बड़ी घोषणायें की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढऩे वाला अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में आने वाले दिनों में भारत की स्थिति बेहतर होगी।