
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की घटी दर का फायदा ग्राहकों तक न पहुंचाने की बढ़ती शिकायतों के बीच केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रालय ने ऐसे उत्पाद बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
यह एजेंसी करेगी जांच
मंत्रालय ने नेशनल एंटी प्रॉफिटियरिंग एजेंसी से ऐसी कंपनियों की जांच करने को कहा है। सरकार को शिकायतें मिल रही हैं कि बिना पंजीकृत ब्रांड के ऐसे उत्पाद बेचने वाली कंपनियां और मिलें जीएसटी की दर में कमी का लाभ ग्राहकों को नहीं पहुंचा रही हैं। इनमें ज्यादातर आटा, दाल बेसन और सूजी जैसे उत्पाद शामिल हैं। पिछले दिनों ही सरकार ने ऐसे नॉन-ब्रांडेड उत्पादों पर जीएसटी की दर को शून्य फीसदी कर दिया था। हालांकि ब्रांडेड अनाज पर पांच फीसदी जीएसटी लगता है।
इस तरह हो रहा फर्जीवाड़ा
नॉन-ब्रांडेड उत्पादों पर शून्य फीसदी जीएसटी का फायदा उठाने के लिए कई कंपनियों और मिलों ने आटा, दाल बेसन और सूजी जैसे उत्पादों के अपने ब्रांड सरेंडर कर दिए थे। इसके बावजूद माल कीमतों में कोई कटौती किए बिना ही उसी नाम से बेचा जा रहा था। इसकी शिकायतें मिलने के बाद अब जांच कराई जा रही है।