अर्थव्‍यवस्‍था

ट्रेड वाॅर में र्इरान ने भी रखा कदम, लगाने जा रहा 1400 वस्तुआें के आयात पर प्रतिबंध

अपने देश में घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए र्इरान करीब 1400 एेसी वस्तुआें के आयात पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है।

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ट्रेड वाॅर में र्इरान ने भी रखा कदम, लगाने जा रहा 1400 वस्तुआें की आयात पर प्रतिबंध

नर्इ दिल्ली। अमरीका आैर चीन के तरफ से शुरू हुअा ट्रेड वाॅर अब दुनिया के कर्इ देशों तक फैलते जा रहा है। अब ट्रेड वार में भारत अौर यूरोपिय यूनियन के बाद र्इरान भी कूद गया है। र्इरान ने घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए करीब 1400 एेसी वस्तूआें की सूची तैयारी की है जिनपर वो अब आयात प्रतिबंध लगाएगा। इन वस्तुआें को अब र्इरान दूसरे देशों से नहीं खरीदेगा बल्कि अपने घरेलू बाजार से मांग को पूरा करेगा। आपको बता दें कि अभी कुछ समय पहले ही अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने र्इरान को धमकी दी थी कि यदि वह 2015 के अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत के लिए राजी नहीं होता तो उसके खिलाफ कठोरतम प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

प्रतिबंधित वस्तुओं के वैकल्पिक घरेलू उत्पाद उपलब्ध

ईरान ने घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के एक कदम के तहत उन वस्तुओं की एक सूची जारी की है, जिनका आयात प्रतिबंधित कर दिया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कॉमर्स सर्विसिस ऑफ ट्रेड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के प्रबंध निदेशक, फरहाद नूरी ने कहा कि सभी प्रतिबंधित वस्तुओं के वैकल्पिक घरेलू उत्पाद उपलब्ध हैं। नूरी ने कहा, "सरकार के पास पर्याप्त मुद्रा है। हालांकि मौद्रिक नीतियों के संबंध में हमें उन वस्तुओं के आयात के लिए मुद्रा का आवंटन नहीं करना चाहिए, जिनके घरेलू विकल्प उपलब्ध हैं।" उन्होंने कहा कि हालांकि संगठन ने उन वस्तुओं को सूची में शामिल नहीं किया है, जिन्हें घरेलू मांग पूरी करने के लिए स्थानीय स्तर पर उत्पादित नहीं किया जाता।

जल्द ही होगी सूची जारी

उन्होंने कहा कि आयात प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची जल्द ही जारी की जाएगी। उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि लोग घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देंगे।" ईरान के उद्योग, खदान और वाणिज्य मंत्री, मोहम्मद शरीयतमदारी ने इस्लामी गणराज्य के खिलाफ अमरीकी दबाव से निपटने के लिए शनिवार को इस प्रतिबंध की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस कदम का लक्ष्य घरेलू उत्पादकों की हिफाजत करना और मुद्रा के बाहर जाने को प्रबंधित करना है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमरीकी प्रशासन ने तेहरान को धमकी दी है कि यदि वह 2015 के अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते पर फिर से बातचीत के लिए राजी नहीं होता है तो उसके खिलाफ कठोरतम प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

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Updated on:
25 Jun 2018 01:15 pm
Published on:
25 Jun 2018 11:55 am
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