रूहानी ने कहा, "अमरीका आज हमारे लिए सबसे बड़ा दुशमन है। वो हमें अपनी तलवार की नोक पर रखना चाहता है। लेकिन हम एेसा नहीं होने देंगे। इसके लिए हमें लड़ना होगा, हमें एक होना होगा। "
नर्इ दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा र्इरान पर प्रतिबंध लगाने की तारीख नजदीक आ रही है। इसी को देखते हुए र्इरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी अब कमर कसते हुए दिखार्इ दे रहे हैं। अमरीकी प्रतिबंध को देखते हुए हसन रूहानी ने कर्इ मंत्रालयों में बदलाव किया है। शनिवार को रूहानी ने मिनिस्ट्री आॅफ इकोनाॅमी एंड फाइनेंशियल अफेयर्स, इंडस्ट्री, ट्रेड व माइन्स में बदलाव किया है। एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में रूहानी ने कहा, "अमरीका आज हमारे लिए सबसे बड़ा दुशमन है। वो हमें अपनी तलवार की नोक पर रखना चाहता है। लेकिन हम एेसा नहीं होने देंगे। इसके लिए हमें लड़ना होगा, हमें एक होना होगा। "
बैंकिंग सेक्टर को बूस्ट करने की तैयारी
2015 न्यूक्लियर अकाॅर्ड विड्राॅ होने के बाद मौजूदा समय में हसन रूहानी पर कर्इ तरह का अार्थिक दबाव है। एेसे में वो नए मंत्रियों की नियुक्ति के बाद देश के बैंकिंग सेक्टर को बूस्ट करने के प्रयास में है। इकोनाॅमी एंड फाइनेंशियल मंत्रालय के नए मंत्री फरहाद देजपसंद इसके पहले र्इरान के बजटरी एंव प्लानिंग आॅर्गनाइजेश के लिए काम करते थे। अपने नए कार्यभार को लेकर उन्होंने कहा है कि वो सिस्टम में पारदर्शिता को लाना चाहते हैं आैर भ्रष्टाचार को लेकर कर्इ कड़े कदम उठाना चाहते हैं। इसके साथ ही देश के प्राइवेट सेक्टर व बैंकिंग सेक्टर को फिर से बूस्ट करना चाहते हैं।
र्इरानी करंसी में गिरावट
डाॅलर के मुकाबले दुनियाभर के मुद्राआें में गिरावट देखने को मिल रही है। र्इरानी मुद्रा भी डाॅलर भी बीते कुछ समय में कमजाेर हर्इ है लेकिन इसके बावजूद भी र्इरान के फाॅरेन एक्सचेंज व कैश रिजर्व अपने उच्चतम स्तर पर है। बीते साल डाॅलर के मुकाबले रियाल में भारी कमजोरी देखने को मिली जिसके बाद सरकार ने कर्इ महत्वपूर्ण सामानों के आयात पर रोक लगा दिया था। गुरूवार को भी ट्रंप ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि 5 नंवबर से र्इरान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा।