कोरोना की वजह से बेरोजगारी की समस्या ( job crunch in india ) विकराल होती जा रही थी लेकिन फिलहाल इस बारे में राहत की खबर मिल रही है।
नई दिल्ली: कोरोनावायरस ( coronavirus ) की वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति ( Economic Condition ) पर असर पड़ा कई लोगों की सैलेरी कम ( salary cut ) हो गई तो वहीं कुछ लोगों को अपनी नौकरी गंवानी ( job lost ) पड़ी । कोरोना की वजह से बेरोजगारी की समस्या ( unemployment issue ) विकराल होती जा रही थी लेकिन फिलहाल इस बारे में राहत की खबर मिल रही है।
दरअसल लॉकडाउन (Lockdown) में ढील मिलने के साथ ही रोजगार में भी इजाफा होने लगा है। लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था दोबारा से पटरी पर लौट रही है और इसके संकेत नौकरियों की संख्या से मिल रहे हैं। कंपनियां एक बार फिर से लोगों को हायर करने लगी है। आपको बता दें कि अप्रैल के महीने में सबसे ज्यादा लोगों के बेरोजगार होने का आंकड़ा सामने आया था लेकिन जुलाई के महीने में रोजगार बढ़ने ( Employment Increased ) की बात कही जा रही है। जॉब पोर्टल वालों का कहना है कि जुलाई के महीने में जॉब ढूंढने वाले और जॉब देने वाले दोनो ही तरह के लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है।
क्या कहते हैं आंकड़े- इकोनॉमिक थिंकटैंक सेंटर ऑफ मॉनिटरिंग ऑफ इंडियन इकोनॉमी CMIE के अनुसार, जुलाई के आंकड़ों में इसके संकेत दिखे हैं। जुलाई में बेरोज़गारी ( Unemployment ) का आंकड़ा 7.43 फीसदी रहा है, जबकि जून में ये 11 फीसदी के करीब था। खास बात ये है कि रोजगार की दर गांव और शहर दोनो ही जगह बढ़ी है। आंकड़ो की बात करें तो जुलाई में शहरी बेरोज़गारी जून के 12 फीसदी से घटकर 11 फीसदी के करीब पहुंची है। जबकि ग्रामीण इलाकों की बेरोज़गारी का आंकड़ा 10.5 फीसदी के स्तर से घटकर जुलाई में 6.66 फीसदी पर रहा है। जुलाई में कुल बेरोजगारी दर घटकर 7.43 प्रतिशत हो गई, जो जून में 10.99 प्रतिशत थी।
इन राज्यों में कम हुई सबसे ज्यादा बेरोजगारी-