केंद्र सरकार की एक बैठक में तेल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 2 नई जगहों का चयन किया है। कैबिनेट ने अब 2 नए स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व (एसपीआर) को मंजूरी दे दी है।
नर्इ दिल्ली। भारत में बढ़ती क्रूड ऑयल की मांग और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में बढ़ती क्रूड ऑयल की किमतों को देखते हुए सरकार ने ओडिशा और कर्नाटक में अंडरग्राउंड क्रूड ऑयल स्टोरेज बनाने का फैसला किया है। अभी तक भारत में क्रूड ऑयल विदेशों से लाया जाता है। रोजाना भारत में इतना क्रूड ऑयल इस्तेमाल हो जाता है की इमरजेंसी के लिए ऑयल को बचा पाना भारत के लिए बेहद ही मुश्किल है। इन स्टोरेज के बनने के बाद सराकर के पास इमरजेंसी के लिए इतना स्टॉक हो जाएगा की कम से कम ये ऑयल 13 से 23 दिन तक चल सके।
कितनी होगी कैपेसिटी ?
भारत के पास पहले से ही तीन जगहों पर 5.33 MMT स्टोरेज की अंडरग्राउंड गुफाएं हैं। इनमें विशाखापट्टनम (1.33 MMT), मंगलौर (1.5 MMT) और पदूर (2.5 MMT) शामिल हैं। नई बनने वाली ये स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) फैसिलिटी की इन दिनों गुफाओं से ज्यादा होगी । इसकी कैपेसिटी 6.5 मिलियन मैट्रिक टन (MMT) होगी ।
क्यों बनाया जाता है अंडरग्राउंड स्टोरेज?
ये अंडरग्राउंड क्रूड ऑयल स्टोरेज इसलिए बनाई जाती है ताकि जब कभी देश में बाहरी सप्लाई में किसी तरह की रुकावट आए तो देश में लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े। अक्सर ऐसे हालातों में क्रूड ऑयल की किमतें आसमान छू लेती हैं जिसके बाद सरकार को विदेशों से मंहगे दामों में क्रूड ऑयल खरीदना पड़ता है। ऊंचे दामों पर आयात करने से विदेशी मुद्रा कोष में तेजी से कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में देश की जनता को अत्यधिक महंगाई का सामना करना पड़ता है। लेकिन इन स्टोरेज के बनने के बाद देश को इन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। आपको बता दें कि इन ऑयल रिजर्व को इंडियन स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड द्वारा मैनेज किया जाता है।
पिछले एक हफ्ते से बढ़ रहे हैं क्रूड आॅयल के दाम
क्रूड आॅयल को रिजर्व करना इसलिए भी जरूरी हो गया है क्योंकि पिछले एक हफ्ते में क्रूड आॅयल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। मौजूदा समय की बात करें तो क्रूड 80 बैरल डाॅलर के आसपास पहुंच गया है। एेये में भारत की आॅयल कंपनियों के पास पेट्रोल आैर डीजल को महंगा करने के अलावा कोर्इ दूसरा चारा नहीं बचेगा।