- भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। - नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत 3000 करोड़ रुपए के शत्रु शेयरों को बेचने की तैयारी में है। - इस दिशा में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन भी किया गया है, जो शत्रु शेयरों की बिक्री के लिए शेयरों की संख्‍या और कीमत की सिफारिश करेगी।
नई दिल्ली।पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 42 सीआरपीएफ के जवानों के शोक में पूरा देश गमगीन है और एक साथ खड़ा है। भारत सरकार की ओर से एशिया में सबसे बड़े ट्रेड वॉर की भी शुरूआत हो गई है। इसका असर पूरे एशिया की इकोनॉमी में देखने को मिलेगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर बताया कि 'पुलवामा घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान से MFN का दर्जा वापस ले लिया है। इसके हटने के बाद पाकिस्तान से भारत आने वाले सभी सामानों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को बढ़ाकर तत्काल प्रभाव से 200 फीसदी कर दिया गया है।' अब भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है।
ये है सरकार का प्लान
नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत 3000 करोड़ रुपए के शत्रु शेयरों को बेचने की तैयारी में है। यानी जो लोग पाकिस्तान में हैं और उनके शेयर भारतीय बाजार में बेकार पड़े हैं, सरकार उन्हें बेचने का प्लान बना रही है। दशकों से बेकार पड़ी शत्रु संपत्ति को बेचा जा सकेगा। भारत सरकार की ओर से आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान के खिलाफ कई फैसले लिए गए हैं। अब सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसके बाद पाकिस्तान को 3 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है।
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इस समिति का किया गठन
आपको बता दें कि इस दिशा में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन भी किया गया है, जो शत्रु शेयरों की बिक्री के लिए शेयरों की संख्या और कीमत की सिफारिश करेगी। गृह मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इस समिति के प्रमुख संयुक्त रूप से गृह सचिव और निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव होंगे। इस आतंकी हमले के बाद देशभर में पाकिस्तान को लेकर गुस्से का माहौल है और सरकार से पड़ोसी देश को सबक सिखाने की मांग की जा रही है। ऐसे में शत्रु देश के शेयर बेचने का ये निर्णय बेहद अहम माना जा रहा है।
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