इनवेस्‍टर राधाकृष्‍ण दामानी ने एक साल में अपनी दौलत में 53 हजार करोड़ रुपए का इजाफा किया।
नई दिल्ली। आदमी की किस्मत कब बदल जाए कुछ पता नहीं। इसके लेकिन किस्मत भी साथ उन्हीं लोगों का देती है जो हिम्मत और साहस दिखाते हैं। जो कुछ ऐसे बोल्ड फैसले लेते हैं, जिससे या तो कामयाबी को छू लें या फिर डूब जाएं। लेकिन भगवान भी उन्हीं लोगों का साथ देता है तो हिम्मत और साहस भरे कदम उठाते हैं। ऐसे ही शख्स है राधाकृष्ण दामानी। जिन्होंने साल पहले एक ऐसा कदम उठाया कि वो देश के अमीर लोगों की सूची में शामिल हो गए। ताज्जुब की बात तो ये है उनके इस कदम उन्हें 53 हजार करोड़ रुपए का फायदा हुआ। आखिर कौन है राधाकृष्ण दमानी और क्या काम करते हैं? आइए आपको भी बताते हैं...
रिटेल किंग के नाम से मशहूर हैं दमानी
राधाकृष्ण दमानी को रिटेल मार्केट का किंग कहा जाता है। साथ ही उनका नाम बड़े निवेशकों में भी शुमार होता है। एवेन्यू सुपरमार्केट (डी-मार्ट) के नाम से मशहूर कंपनी के मालिक राधाकृष्ण दमानी के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। पिछले साल मार्च में दमानी डी-मार्ट को शेयर बाजार में लेकर आए और यही वो सहासिक कदम था जिसने कंपनी को आसमान में पहुंचा दिया। जब कंपनी शेयर मार्केट में लिस्ट हुई तो शेयर का ऑफर प्राइस 295 से 299 रुपए के बीच था। 21 मार्च 2017 को शेयर की लिस्टिंग 642 रुपए पर हुई, जो बढ़कर 1486 रुपए हो गई है। यानी इश्यू प्राइस से 397 फीसदी ज्यादा। वहीं, लिस्टिंग प्राइस से 131 फीसदी ज्यादा।
एक साल में की 53000 करोड़ कमाई
अब अंदाजा लगा सकते हैं कि दमानी के इस फैसले ने उनकी दौलत को दोगुना से भी ज्यादा बढ़ा दिया। एक साल पहले कंपनी की कुल दौलत की बात करें तो 40,294 करोड़ रुपसे थी। शेयर मार्केट में लिस्टिंग के एक साल के बाद कंपनी की दौलत बढ़कर 93,363 करोड़ रुपये पहुंच गई है। यानी कंपनी ने शेयर मार्केट से करीब 53 हजार करोड़ रुपए की कमाई की।
देश के अमीरों की सूची में शुमार है दमानी परिवार
अगर बात दमानी परिवार की करें तो वो देश के सबसे अमीर परिवारों की सूची में शामिल हैं। दमानी परिवार की कुल दौलत 79000 करोड़ पहुंच चुकी है। फोबर्स के अनुसार दमानी की खुद की दौलत जिसमें फैमिली भी शालिम है, बढ़कर 79 हजार करोड़ रुपए हो गई है। जुलाई 2016 में दमानी की दौलत 9281 करोड़ रुपए थी। जो जुलाई 2017 में बढ़कर 29700 करोड़ रुपए हो गई है। अब यह बढ़कर 1200 करोड़ डॉलर यानी करीब 79 हजार करोड़ रुपए हो गई है।