अर्थव्‍यवस्‍था

रघुराम राजन का मोदी सरकार पर हमला, देश के विकास में घातक साबित हुईं नोटबंदी-जीएसटी

अमरीका में व्याख्यान देते हुए आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने नोटबंदी-जीएसटी पर सवाल उठाए हैं।
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Nov 10, 2018
Raghuram Rajan
रघुराम राजन का मोदी सरकार पर हमला, देश के विकास में घातक साबित हुईं नोटबंदी-जीएसटी

नई दिल्ली। नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर भले ही केंद्र की मोदी सरकार अपनी पीठ थपथपाते हो, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने इनको देश के लिए घातक बताया है। बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में रघुराम राजन ने कहा है कि नोटबंदी और जीएसटी की वजह से पिछले एक साल में देश की आर्थिक विकास दर में गिरावट आई है। फ्यूचर ऑफ इंडिया पर व्याख्यान देते हुए राजन ने कहा कि देश की जरुरतों के लिए सात फीसदी की विकास दर पर्याप्त नहीं है।

नोटबंदी से पहले विकास दर में रही तेजी

बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में व्याख्यान देते हुए राजन ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को दो तगड़े झटके दिए हैं। इन झटकों से भारत की विकास दर पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी-जीएसटी से चार साल पहले यानी 2012 से 2016 तक भारत की विकास दर की रफ्तार काफी तेज रही थी। लेकिन मोदी सरकार के इन कदमों से विकास दर एेसे समय में गिरी है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में उछाल चल रहा था।

बढ़ानी होगी विकास दर

राजन ने कहा कि 25 वर्षों से भारत हर साल 7 फीसदी की विकास दर से वृद्धि कर रहा है लेकिन यह भविष्य के लिए नाकाफी है। हमें विकास दर में बढ़ोतरी करनी होगी। उन्होंने कहा कि सात फीसदी की विकास दर से हम उन लोगों को रोजगार नहीं दे पा रहे हैं जो श्रम बाजार में आ रहे हैं। इसके लिए हमें विकास दर में बढ़ोतरी करनी होगी। राजन ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार भरने से रोक रही हैं। इसका कारण यह हो कि भारत अपनी जरुरतों को करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है। एनपीए पर टिप्पणी करते हुए राजन ने कहा कि इससे निपटना जरूरी है ताकि बैंक पटरी पर आ सकें। उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, बिजली क्षेत्र और एनपीए की बाधाओं को दूर कर लिया जाता है तो भारत की विकास दर तेजी से बढ़ेगी।

Updated on:
10 Nov 2018 06:54 pm
Published on:
10 Nov 2018 06:54 pm