कई आर्थिक जानकार नोट छापने का कर रहे हैं समर्थन सरकार ने कर्ज का लक्ष्य बढ़ाकर किया 12 लाख करोड़ ज्यादा कर्ज लेने से बढ़ेगा ब्याज, मिलेंगे गंभीर परिणाम
नई दिल्ली। कोरोना वायरस लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) के कारण देश में आर्थिक संकट उभरकर सामने आ गया है। सरकार द्वारा कर्ज का लक्ष्य 12 लाख करोड़ करना इसका जीता जागता उदाहरण है। वहीं आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार कर्ज लेने की जगह नोटों की छपाई करें। कर्ज से ब्याज बढ़ेगा और परिणाम और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में नोटों की छपाई कर ज्यादा से ज्यादा खर्च को बढ़ाना काफी जरूरी है। जिसके समर्थन में देश के पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ( Former RBI Governor Raghuram Rajan ) ने भी किया है। उन्होंने सरकार को सलाह दी है कि वे अब राजकोषीय घाटा ( Fiscal Deficit ) को अपने शब्दकोष से निकालकर बाहर फेंके और देश की आर्थिक स्थिति को ठीक करने पर काम करे।
राजन की सरकार को सलाह
पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि सरकार को रिजर्व बैंक से नोट निकालना काफी जरूरी हो गया है। इस नाजुक समय में गरीबों की मदद करना काफीी जरूरी है। पहीं इकोनॉमी को बचाने के लिए सरकारी कर्ज के लिए आरबीआई द्वारा अतिरिक्त नोट जारी करने की सलाह दी जानी चाहिए। ताकि इकोनॉमी को संभाला जा सके। रघुराम राजन ने कहा कि अब सरकार को राजकोषीय घाटे की सीमा को बढ़ाए और देश की इकोनॉमी को आगे बढ़ाने का काम करें।
केरल के वित्त मंत्री हुए थे नाराज
इससे पहले अप्रैल में इस तरह की मांग देखने को मिली थी, तब केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए 6 हजार करोड़ रुपए बांड बेचने के लिए करीब 9 फीसदी की ब्याज पर देने की मजबूरी पर अपना गुस्सा दिखाया था। उस समय इसाक की ओर से सलाह दी गई थी केंद्र सरकार को 5 फीसदी की ब्याजदर पर कोविड बांड जारी करने रुपया जुटाना चाहिए। इन रुपयों से राज्य सरकारों की मदद होगी। उन्होंने आरबीआई के लिए कहा था कि इन बांड को आरबीआई द्वारा खरीदा जाना चाहिए। आर्थिक जानकारों की मानें तो अब सरकार को कुछ अलग हटकर सोचना होगा ताकि गरीबों और देश की इकोनॉमी को मदद मिल सके।
सरकार को बढ़ाना होगा खर्च
इंडिया रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत के अनुसार गरीबों और इकोनॉमी को बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा खर्च करने को कहा। उन्होंने कहा कि नोट छापने की जगह सरकार ज्यादा से ज्यादा कर्ज ले और राजकोषीय घाटे की चिंता बिल्कुल भी ना करे। देवेंद्र कुमार के अनुसार केंद्र सरकार को चाहिए कि वो ज्यादा से ज्यादा रुपयों का जुगाड़ करे और राज्य सरकारों को दे। पंत के अनुसार कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में केरल का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है और उसे करीब 9 फीसदी की दर से ब्याज का भुगतान करना पड़ रहा है ऐसे में सरकार को इस बात का ध्यान रखने की काफी जरुरत है।