अर्थव्‍यवस्‍था

CJI बनते ही इतनी हो गई जस्टिस रंजन गोगोई की सैलरी, इतने हजार रुपए का इजाफा

चीफ जस्टिस बनने के बाद अब रंजन गोगोई की तनख्वाह 2.80 लाख रुपए प्रति माह हो गई है।
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Ranjan gogoi
जस्टिस रंजन गोगोई आज लेंगे देश के 46वें CJI की शपथ, पूर्वोत्तर राज्य के पहले मुख्य न्यायाधीश

नई दिल्ली। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा दो अक्टूबर को रिटायर हो गए हैं। उनकी जगह आज यानि 3 अक्टूबर को रंजन गोगोई ने देश के नए चीफ जस्टिस का पद संभाल लिया है। अब रंज गोगोई करीब 13 महीनों तक देश के सीजेआई रहेंगे। क्या आपको पता है रंजन गोगोई के चीफ जस्टिस बनने के बाद उनकी तनख्वाह में कितना इजाफा हो गया है? इससे पहले वो सुप्रीम कोर्ट के जज रहते हुए कितनी तनख्वाह पाते थे? वास्तव में जजों की सैलरी कितनी होती है? सांतवां वेतन आयोग लगने के बाद जजों की सैलरी में कितना इजाफा हुआ है? आइए आपको भी बताते हैं।

इतनी हो गई जस्टिस गोगोई की सैलरी
3 अक्टूबर यानि आज रंजन गोगोई के सीजेआई की कुर्सी पर आसीन होते ही उनकी सैलरी में 30 हजार रुपए प्रति माह का इजाफा हो गया है। इससे पहले उनकी सैलरी 2.5 लाख रुपए प्रति माह थी। चीफ जस्टिस बनने के बाद अब उनकी तनख्वाह 2.80 लाख रुपए प्रति माह हो गई है। आपको बता दें कि सीजेआई यह तनख्वाह सांतवें वेतन आयोग के हिसाब से है। जिसे देश के राष्ट्रपति ने अप्रूव किया था।

सुप्रीम कोर्ट के जजों को मिलती है इतनी सैलरी
31 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जजों के वेतन वृद्धि के बिल को मंजूरी थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के अलावा सुप्रीम कोर्ट के बाकी जजों की सैलरी में बेतहाशा वृद्धि हुई थी। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो देश के चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया को सांतवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद 2 लाख 80 हजार रुपए सैलरी मिलती है। इससे पहले उनकी सैलरी 1 लाख 80 हजार रुपए थी। जिसके बाद उसमें एक लाख रुपए का इजाफा किया गया। वहीं सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों की सलरी की बात करें तो उन्हें 2 लाख 50 हजार रुपए सैलरी मिलती है। जोकि 7वे वेतन आयोग के लागू होने के बाद है। इससे पहले उन्हें एक लाख 60 हजार रुपए सैलरी मिलती थी।

क्या है हाईकोर्ट के जजों का वेतन
वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की सैलरी में भी इजाफा किया गया है। देश में जितने भी हाई कोर्ट हैं, उनके चीफ जस्टिस की सैलरी सुप्रीम कोर्ट के जजों के मुकाबले में कर दी ई है। अब भी 7वे वेतन आयोग के हिसाब से 2 लाख 50 हजार रुपए सैलरी ले रहे हैं। वहीं हाई कोर्ट अन्य जजों की सैलरी में इजाफा करते हुए 2 लाख 25 हजार रुपए कर दी गर्इ है। जजों के वेतन में यह बढ़ोत्तरी केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन बढोत्तरी को लेकर गठित सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को आधार बनाते हुए की गई है। यह बढ़ोत्तरी जनवरी 2016 से मानी जाएगी।

गोगोई के पास नहीं है ज्वेलरी और कार
आपको एक बात जानकर ताज्जुब होगा कि सीजेआई गोगोई के पास ना तो सोने की एक भी ज्वेलरी है ना ही उनके पास अपना कोई निजी वाहन है। वहीं सीजेआई गोगोई पर कोई कर्ज या दूसरी देनदारियां नहीं हैं। जस्टिस गोगोई दोनों ने ही 2012 में अपनी संपत्तियों की घोषणा की थी। अगर चीफ जस्टिस गोगोई और उनकी पत्नी के पास एलआईसी पॉलिसी समेत कुल मिलाकर 30 लाख रुपए बैंक बैलेंस है। जुलाई में उन्होंने शपथपत्र में घोषणा की थी कि उन्होंने गुवाहाटी के बेलटोला में हाई कोर्ट का जज बनने से पहल ही 1999 में एक प्लॉट खरीदा था। उन्होंने अपने घोषणापत्र में बताया है कि उस प्लॉट को उन्होंने जून में 65 लाख रुपये में बेच दिया था।

Updated on:
03 Oct 2018 11:39 am
Published on:
03 Oct 2018 11:23 am