
नर्इ दिल्ली। जिस सऊदी अरब की दोस्ती पर पीएम नरेंद्र मोदी को बड़ा नाज था, आज उसी ने देश पर प्रतिबंध लगा दिया है। वैसे यह प्रतिबंध सऊदी अरब ने अपने भले के लिए ही उठाया है। लेकिन सऊदी अरब की सरकार के इस कदम से भारत सरकार को बड़ा झटका लगा है। आपको बता दें कि सऊदी अरब की यात्रा के दौरान पीएम मोदी का भव्य स्वागत हुआ था। दावा किया गया था कि दोनों इलाकों के बीच प्रगाड़ संबंध कायम हो चुके हैं। बावजूद इसके सऊदी अरब के इस प्रतिबंध गहरा झटका लगा है। आइए आपको भी बताते हैं कि सऊदी अरब को यह कदम क्यों उठाना पड़ा।
सऊदी अरब ने भारत के इस राज्य पर लगाया प्रतिबंध
सऊदी अरब ने भारत के दक्षिण स्थित केरल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब वहां से किसी भी उत्पाद को नहीं मंगाया जाएगा। साऊदी अरब ने केरल के फ्रोजेन एवं संसाधित फलों और सब्जियों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। देश के लिए साऊदी अरब का यह फैसला काफी बड़ा आैर कड़ा है। क्योंकि भारत को यहां से काफी रेवेन्यु मिलता था। जो अब बंद हो जाएगा।
इसलिए लगाया प्रतिबंध
सऊदी अरब ने घातक निपाह वायरस के प्रकोप के मद्देनजर केरल के फ्रोजेन एवं संसाधित फलों और सब्जियों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। 'गल्फ न्यूज' की सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार, निपाह वायरस स्वयं एंसेफेलाइटिस (मस्तिष्क की खतरनाक सूजन) का कारण बन सकता है और इसके सामान्य लक्षण बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस की तकलीफ और भ्रम जैसे लक्षणों से अलग नहीं होते हैं।
केरल से जाती थी 100 टन फल व सब्जियां
29 मई को सऊदी अरब अमीरात (यूएई) ने केरल से आयात होने वाली वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया था। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने कहा था कि केरल से आयात किए जाने वाले 100 टन फल व सब्जियों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। यूएई की स्वास्थ्य प्रदाता कंपनी वीपीएस हेल्थकेयर ने केरल सरकार को निपाह से लड़ने के लिए विमान से चिकित्सीय सामग्री भेजी है। अब तक केरल में निपाह से 16 लोगों की मौत हो चुकी है।